जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मणिपुर के सेनापति जिले में मंगलवार रात असम राइफल्स के एक कैंप पर हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया। भीड़ ने कैंप पर पथराव किया, तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के तीन वाहनों में आग लगा दी। यह घटना उस तलाशी अभियान के कुछ घंटों बाद हुई, जिसे असम राइफल्स ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया था।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के अनुसार, असम राइफल्स को सूचना मिली थी कि माकुइलोंगदी क्षेत्र में हथियारबंद उग्रवादी मौजूद हैं। यह इलाका एनएससीएन (आईएम) के ओकलोंग स्थित निर्धारित कैंप से करीब दो किलोमीटर पश्चिम में है। सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया।
संघर्षविराम नियमों के उल्लंघन की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक, खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी से संकेत मिले थे कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे। इसे संघर्षविराम (सीजफायर) समझौते के नियमों का संभावित उल्लंघन माना गया। इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (CFMG) को भी औपचारिक रूप से सूचित किया गया था।
ग्रामीणों ने अभियान का किया विरोध
तलाशी अभियान के दौरान जब असम राइफल्स की टीम माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों की ओर बढ़ रही थी, तब स्थानीय लोगों ने, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जवानों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इससे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
रात में कैंप पर पथराव और आगजनी
अधिकारियों के अनुसार, रात करीब नौ बजे सूचना मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ रहे हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान समाप्त कर वापस लौटने का फैसला किया। हालांकि, रात करीब 9:30 बजे भीड़ कैंप तक पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कैंप की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और आगजनी की घटनाएं भी हुईं।
तीन वाहन क्षतिग्रस्त, नागरिक की कार भी जली
हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना में एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।
पुलिस और सीआरपीएफ ने संभाली स्थिति
हालात बिगड़ने पर असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया। बाद में सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

