Wednesday, May 13, 2026
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आखिर कब पूरा होगा सिंथेटिक ट्रैक का सपना?

  • कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक का आठ माह पहले शुरू होने वाला निर्माण अधर में अटका

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सरकारी खेल मैदान पर निरंतर अभ्यास करके देश के लिये मेडल लाने का सपना देखने वाले एथलीटों की उम्मीद सिंथेटिक ट्रैक समय से तैयार न होने पर टूटती नजर आ रही है। पहले से ही आठ माह की देरी ट्रैक के निर्माण में हो चुकी है और अभी यह कब तक शुरू होकर प्रैक्टिस के लिये तैयार होगा इसका कुछ अता पता नहीं है। इधर, विभाग का कहना है कि उन्होंने निर्माण के लिये जिम्मेदार विभाग को कुल लागत का आधा भुगतान कर दिया है।

कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब आठ माह पहले एथलीटों के लिये 8 करोड़ 57 लाख 60 हजार रुपये की लागत से 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक की तैयारी शुरू होेनी थी, जिसमें 100, 200, 400, 800, 1500, 3000 और 5000 और 110 मीटर हर्डल रेस के लिये आठ लेन बनाई जानी थी। साथ ही इसमें फील्ड इवेंट जिसमें शाटपुट, डिस्कस और हैमर थ्रो के लिये सर्कल बनाये जाने थे, जबकि लॉंग, ट्रिपल और हाई जंप के लिये रनिंग स्ट्रिप तैयार की जानी थी, लेकिन मेरठ और अन्य आसपास के जिलों के खिलाड़ियों का दुर्भाग्य यह कि करीब आठ माह बाद भी ट्रैक के निर्माण की कवायद शुरू नहीं हुई।

निरंतर कर रहे पत्राचार

कार्यवाहक क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अब्दुल आहद ने बताया कि विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कापोर्रेशन लिमिटेड को इसके लिये आधी लागत 4 करोड़ 28 लाख, 80 हजार रुपये का भुगतान फरवरी,2024 में किया जा चुका है। साथ ही बताया कि इस संबंध में विभाग को एक पत्र 22, अगस्त, 2024 में लिखा गया था और निर्माण जल्द शुरू करने का अनुरोध किया गया था।

ट्रैक न बनने से हो रहा नुकसान

एथलेटिक्स कोच गौरव त्यागी ने बताया कि स्टेडियम में उनकी निगरानी में रोजाना 100 से 150 खिलाड़ी मौजूदा मिट्टी के ट्रैक पर अभ्यास करते हैं, चूंकि अब बड़े स्तर की लगभग सभी प्रतियोगितायें सिंथेटिक ट्रैक पर ही हो रही है तो ऐसे में मेरठ के खिलाड़ियों को इन पर दौड़ने के लिये अभ्यस्त बनाया जाना बेहद जरूरी है। बेहतर गुणवत्ता वाले ट्रैक पर उनके खिलाड़ियों की परफोर्मेंस अच्छी हो सकती है।

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