Wednesday, December 8, 2021
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeUttar Pradesh NewsShamliछठ मैया की पूजा कर पुत्र-पति के दीर्घायु की कामना की

छठ मैया की पूजा कर पुत्र-पति के दीर्घायु की कामना की

- Advertisement -
  • सायं काल अस्त होते हुए सूर्य को किया अर्घ्य प्रदान
  • श्री हनुमानधाम के शिव सरोवर तट पर की पूजा अर्चना

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: कार्तिक मास की शुल्ल पक्ष की षष्ठी को छठ महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान महिला श्रद्धालुओं ने श्री मंदिर हनुमानधाम स्थित शिव सरोवर के किनारे छठ मैया की पूजा अर्चना कर अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्रों एवं पति की दीर्घायु की कामना की।

दीपावली के छह दिन बाद मनाए जाने वाले छठ पर्व का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार में धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन करीब एक दशक से वेस्ट यूपी में भी बनाया जाने लगा है। पुत्र एवं पति की दीर्घायु के लिए त्रिदिवसीय व्रत महिलाएं करती है। पंचमी को एक बार नमक रहित भोजन ग्रहण करती है। षष्ठी को निर्जल व्रत रखती हैं। शाम को विधि पूर्वक पूजा अर्चना कर अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य देती है। सप्तमी (शनिवार) को उदयीमान (उगते ) सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत समाप्त होगा।

शुक्रवार को शामली शुगर मिल एवं शहर में अन्य स्थानों पर रहने वाले बिहार राज्य एवं पूर्वांचल के परिवार की महिलाओं ने श्री मंदिर हनुमान धाम स्थित शिव सरोवर के तट पर ईख, फल, नारियल, चना, चावल, ठेकुआ, खाजा, कसार, सूप, मूली, टोकरी, कपटी आदि से सूर्यदेव व शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा का स्वरुप छठ माता की पूजा अर्चना कर पति व पुत्रों की दीर्घायु होने की कामना की।

इस अवसर पर संजय तिवारी, पवन सुत चौबे, संतोष तिवारी, संतोष चौबे, अनुज श्रीवास्व, अनुज, मनोज, राकुमार, अनिल कुमार, संजय, अशोक, चंद्रशेखर, अमूल, शुभम आदि उपस्थित रहे।

छह पूजा से जुडी कथाएं

छठ के बारे में कई कथाएं प्रचलित है। महाभारत काल में कुंती ने सूर्य की आराधना व कर्ण के जन्म से माना जाता है। मान्यता है ही छठ देवी सूर्य देव की बहन है। उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए जीवन के महत्वपूर्ण अवयवों में सूर्य व जल की महत्ता को मानते हुए इन्हें साक्षी मानकर सूर्य भगवान सूर्य की आराधना नदी, पोखर, तालाब के किनारे पर की जाती है। भगवान राम ने सीता के संग अपने कुल देवता सूर्य की पूजा सरयू नदी में की थी। भगवान राम ने देवी सीता के साथ षष्ठी तिथि का व्रत रखा और सरयू नदी में डूबते सूर्य को फल, मिष्ठान एवं अन्य वस्तुओं से अर्घ्य प्रदान किया। सप्तमी तिथि को भगवान राम ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद राजकाज संभालना शुरु किया। इसके बाद से आम जन भी सूर्यषष्ठी का पर्व मनाने लगे।

सीडीओ ने सपरिवार यमुना तट पर की छठ पूजा

कैराना: मुख्य विकास अधिकारी ने अपने परिवार के साथ यमुना तट पर पहुंचकर छठ पूजा की। इसके अलावा हरियाणा की साइड हजारों श्रद्धालु महिलाओं डूबते सूरज को अर्घ्य अपर्ण किया। शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, उनकी पत्नी डा. रतना नाथ तिवारी, पिता धु्रव देव तिवारी, बेटा कनिष्क व पुत्रवधु गोल्डी यमुना तट पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने एक दिन पहले बनवाए गए छठ मंदिर में गन्ने व समस्त वनस्पतियों व सब्जियों के साथ छठ पूजा की। इसके साथ ही महिलाओं सामुहिक रूप से इक्ट्ठा होकर डूबते सूरज को अर्घ्य अपर्ण किया।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

- Advertisment -spot_img

Recent Comments