- कृषि विवि के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा लगा मेला
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में चल रहे किसान मेले में दूसरे दिन 20 हजार से अधिक किसानों की भीड़ रही। मेले में आसपास जनपदों के अलावा कृषि विवि के विज्ञान केंद्र से भी किसानों की भीड़ रही है। कृषि विवि के इतिहास में 23 वर्षों का रिकॉर्ड किसानों की भीड़ ने तोड़ा है। मेले में किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी गई और आधुनिक कृषि यंत्रों की भी जानकारी किसानों को दी गई। दूसरे दिन मेले में किसानों के मनोरंजन के लिए रागिनी का आयोजन हुआ। रागिनी कलाकारों ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुति दी।
किसान मेले के आयोजक कृषि विवि के निदेशक प्रसार डा. पीके सिंह द्वारा किसान मेले का ऐतिहासिक आयोजन इस बार कराया है। निदेशक प्रसार द्वारा अब तक का विवि में सबसे बड़ा मेला लगाया गया है। इस बार बड़े पैमाने पर पशु प्रदर्शनी का भी आयोजन हुआ है। जिसमें गोलू-टू 10 करोड़ रुपये की कीमत का और उसका बेटा विधायक नौ करोड़ रुपये का है। अनमोल 23 करोड़ रुपये का मेले में आया। जिसे देखने के लिए भारी भीड़ किसानों की उमड़ी और आसपास के लोग भी देखने आए।
ताऊ की जलेबी का किसान ले रहे स्वाद
किसान मेले में ताऊ जलेबी वाले की जलेबी खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ रही। किसानों ने जलेबी का जमकर स्वाद लिया। सुबह से लेकर शाम तक भारी भीड़ रही है। मेले में दिन निकलते हैं ही भीड़ उमड़ जाती है और लोगों दूरदराज से मिले को देखने के लिए आ रहे हैं।
मुर्रा नस्ल का ‘विधायक’ बना ओवरआल चैंपियन
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेला के अंतर्गत पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय द्वारा अखिल भारतीय पशु प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का गुरुवार को समापन हुआ। पशु प्रदर्शनी मे विभिन्न श्रेणियों के कुल 73 पशुओ का पंजीकरण कराया गया, जिनमें से 43 पशुओं ने राज्य स्तर की प्रतियोगिता के लिए एवं 30 पशुओं ने अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता मे भाग लिया।
अखिल भारतीय देसी नस्ल सांड में अनुपगढ़ से आए पशुपालक विनोद की साहिवाल गाय प्रथम घोषित हुई। उत्तर प्रदेश देसी नस्ल सांड में मोदिनगर से आए पशुपालक उमंग अहलावत की साहिवाल गाय प्रथम घोषित हुई। उत्तर प्रदेश देसी नस्ल श्रेणी प्रतियोगिता में अर्जुन कुमार की बछड़ी प्रथम घोषित हुई। इसके इलावा पशुपालक सुरेंद्र कुमार, अजय सिंह, सुनील यादव, विशाल, निशांत कुमार के पशुओं को विभिन्न श्रेणियों मे प्रथम घोषित किया गया। मुर्रा नस्ल की भैंसों की विभिन्न श्रेणियों मे पशुपालक सुभाष सिंह, महेंद्र सिंह, अनिल कुमार, राहुल कुमार, हितेश, नितिन राणा, दिंकुर गिल्ल, नरेंद्र और नितिन डांगी के पशुओ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
विराट, विधायक, अनमोल, प्रीता, रानी, उम्मीद, शेरू, श्रुति इत्यादि मुर्रा नस्ल के पशु, पशु प्रदर्शनी के आकर्षण का केंद्र रहा। नागोर से आए संजय चौहान के बैलों की जोड़ी आकर्षण का केंद्र रही और अपनी श्रेणी में प्रथम घोषित हुई। पशुपालक पद्यश्री नरेंद्र सिंह का मुर्रा नस्ल का विधायक नाम का झोटा ओवरआॅल चैम्पियन घोषित हुआ।
12 लाख का बिका बीज
कृषि विवि के निदेशक प्रसार पीके सिंह का कहना है कि मेले में दो दिन में 12 लाख रुपये का बीज अब तक बिक चुका है। क्योंकि अब तक का यह दो दिन में सबसे अधिक बिकने का विवि का रिकॉर्ड है।

