- प्राचीन मंदिर के भवनों में प्रयोग किये जाने वाले स्तंभ का मिला हिस्सा
- पुरातत्व विभाग की टीम ने जांच के लिए दिया संरक्षित
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: महाभारत कालीन ऐतिहासिक तीर्थ नगरी स्थित उल्टा खेड़ा टीले पर पुरातत्व विभाग की ओर से उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। उत्खनन के दौरान बुधवार को लगभग 2500 वर्ष पुरानी सभ्यता के अवशेष मिले हैं। बुधवार को मिले अवशेष मंदिर भवन निर्माण में प्रयोग जाने वाले किले लाल बलुई, पत्थर के अवशेष जैसे है। जिन्हे पुरातत्व विभाग की टीम ने जांच के लिए संरक्षित कर दिया।

बता दे कि प्राचीन पांडव टीला उल्टा खेड़ा टीले पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा कराए जा रहे उत्खनन में अब तक कई प्राचीन अवशेष मिलने की बात कही गई है। इनमें महलों की दीवारें, चित्रित मृदभांड, मिट्टी के बर्तन, चूड़ियां, आग में जली हुई हड्डियां और जानवरों की हड्डियों के अवशेष मिले हैं। अभी तक की गई खुदाई के दौरान मिले अवशेषों को पुरातत्व विभाग की टीम ने सुरक्षित कर लिया है।
इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। इसके बाद ही अधिकारिक रूप से स्पष्ट हो सकेगा कि अवशेष किस काल खंड के हैं। बुधवार को लगभग सात मीटर की खुदाई के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम को प्राचीन मंदिर के भवनों में प्रयोग किये जाने वाले स्तंभ का हिस्सा मिला।

