Tuesday, March 17, 2026
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बोली महिलाएं-बस चुनाव चलते रहें

जैसा अंदेशा था, वैसा ही हुआ। पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद महंगाई ने रफ्तार पकड़ ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी हैं। एलपीजी, दूध, सरिया और आटा भी महंगा हो गया हैं। स्टील के दाम तो आसमान छू रहे हैं। आम आदमी का घर बनाने का सपना महंगा हो गया हैं। जिस गति से खाद्यान्न और अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं, उससे लोगों का कहना है कि सालभर चुनावी मौसम रहना चाहिए। क्योंकि जब तक चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी, तब तक महंगाई पर लगाता लगी रहेगी। 4 नवंबर 2021 से स्थित चल रहा पेट्रोल दो दिन से लगातार बढ़ रहा हैं।
गैस सिलेंडर 50 रुपये महंगा, आम आदमी की रसोई का बिगड़ा बजट

  • होली के बाद आम लोगों को लगा महंगाई का झटका

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जहां महंगाई की मार ने लोगों की कमर तोड़कर रख दी है। वहीं सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है। जिले में सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये का इजाफा हुआ है। पहले सिलेंडर के दाम 919.50 रुपये थे, वहीं अब लोगों को यह 969.50 रुपये में मिलेगा।

लोगों में बढ़ते दाम को लेकर नाराजगी है। वहीं गृहिणयां भी महंगाई की वजह से परेशान हैं। उनका कहना है कि कमाई कम और खर्च बढ़ गए हैं। ऐेसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है। होली के तुरंत बाद आम लोगों को महंगाई का झटका लगा है। महीना पूरा होने से पहले ही घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 50 रुपये का इजाफा हो गया। महिलाओं का कहना है कि महंगाई के चलते रसोई घर का बजट गड़बड़ा गया है।

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घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। महिलाओं का कहना है कि सरकार को महंगाई पर लगाम लगानी चाहिए। रसोई घर में उपयोग वाले हर सामान दालें और खाद्य तेल के साथ ही सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। घरेलू सिलेंडर अब सीधे 50 रुपये महंगा कर दिया है।

महंगाई ने तोड़े रिकॉर्ड

घरेलू गैस सिलेंडर के दाम इस साल रिकार्ड तोड़ रहे हैं। 2020 की बात करें तो गैस सिलेंडर 604 रुपये में मिलता था, जबकि 2021 में बढ़कर 908 रुपये का हो गया है। अब सिलेंडर के दाम 919.50 रुपये से बढ़कर 969.50 रुपये हो गए हैं। इससे घरों में रसोई का बजट बिगड़ गया है। गांवों में महिलाओं ने गैस सिलेंडर को कोने में रख दिया है और लकड़ियां जलाकर खाना पकाने लगी हैं। ऐसा ही रहा तो आम आदमी सिलेंडर कैसे खरीद सकता है।

गैस सिलेंडर महंगा होने से रसोई पर पड़ी मार

कुछ माह से थमे रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। सिलेंडर 970 रुपये का हो गया है। लोगों को तेल तथा अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम और बढ़ने की चिंता सताने लगी है। चुनावी साल में नवंबर के बाद कीमतों पर नियंत्रण था। नवंबर से पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। अब सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी के बीच महंगाई ने फिर से झटका दे दिया है। फरवरी में मतदान और दस मार्च को मतगणना के बाद ही लोग कीमतों में बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे थे। सरकार ने पेट्रोल डीजल के साथ ही रसोई गैस के दाम भी बढ़ा दिए। खासतौर से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने को लेकर लोग चिंतित है।

लोग बोले-सिलेंडर सस्ता करें

रसोई गैस से लेकर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से आम आदमी की परेशानी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि दाम में बढ़ोत्तरी होनी ही थी। सरकार चुनाव खत्म होने का इंतजार कर रही थी। उनका कहना है कि रसोई गैस ज्यादा महंगी हो गई है। आशंका जताई कि पेट्रोल-डीजल के दाम भी धीरे-धीरे बढ़ाए जाएंगे और आने वाले कुछ समय में ही यह फिर 100 के पार पहुंच जाएंगे।

उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर हजार रुपये के करीब पहुंच गया है। पहले ही जरूरी खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हुए थे। अब सिलेंडर भी महंगा हो गया है। एक सिलेंडर एक महीने भी बहुत मुश्किल से चलता है। डीजल के दाम बढ़ने से और चीजों के दाम भी बढ़ेंगे।

हर साल सिलेंडर के दाम बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दो साल में सिलेंडर के दामों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ऐसा ही चलता रहा तो आम आदमी सिलेंडर कैसे इस्तेमाल करेगा। सरकार से अपील है कि गैस सिलेंडर के दाम कम किए जाए। -पूनम, गृहिणी

गैस सिलेंडर के दाम सीधे 50 रुपये बढ़ा दिए गए। महंगाई ने वैसे कमर तोड़कर रख दी है और अब सिलेंडर के दाम का भार भी आम आदमी पर डाल दिया है, जिसके कारण आम आदमी की कमर टूट चुकी है। ऐसे में घर का बजट बिगड़ेगा। -दामिनी, गृहिणी

पिछले दो सालों में ही गैस सिलेंडर के दामों में काफी उछाल आया है। आज के समय में काम कम और महंगाई ज्यादा बढ़ गई। मध्यम वर्ग को काम मिले तो महंगाई से निपटा भी जा सकता है। सरकार से अपील है कि महंगाई कम करें। -प्रीति शर्मा, गृहिणी

एक तो आम आदमी के लिए काम नहीं, दूसरी ओर महंगाई की मार, ऐसे में घर चलाना तो मुश्किल हो जाएगा। मेरी सरकार से यही अपील है कि महंगाई को कम कर आम आदमी को राहत दी जाए। महंगाई पर लगाम लगनी चाहिए। -निशि, गृहिणी

रसोई गैस का सीधा संबंध महिलाओं से होता है। लेकिन सरकार ने इसकी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी कर घर चलाना मुश्किल कर दिया है। गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर सरकार घर का बजट बिगाड़ने में लगी हुई है। -सीमा, गृहिणी

सरकार को कोविड काल के बाद लोगों की आर्थिक हालात का थोड़ा ध्यान रखना चाहिए था। राहत देने के बाजाय सिलेंडर के दाम में 50 रुपये और बढ़ा दिए। रसोई गैस के दाम बढ़ने से मध्यम और निचले वर्ग के लोगों का पूरे महीने का बजट बिगड़ जाता है। -रोहिणी, गृहिणी

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