- सीमेंट, रोड़ी, र्इंट समेत फिर बढ़े लोहे के भी दाम
- महीने में दूसरी बार हुई रेटों में वृद्धि, सीमेंट के कट्टे पर बढ़े 40 रुपये
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हर व्यक्ति चाहता है कि उसका अपना खुद का घर हो, लेकिन इस उम्मीद को कोरोना काल ने काफी हद तक कमजोर कर दिया था और अब उसके बाद पेट्रोल-डीजल के दामों के कारण बढ़ी महंगाई ने लोगों का घर बनाने का सपना तोड़ दिया है। घर बनाने के लिए जरूरी बिल्डिंग मेटेरियल के बढ़ते दामों ने लोगों का अपना घर बनाने का जो विचार था उसे भी दूर कर दिया है। लोहे, सीमेंट और र्इंटों के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही मजदूरी भी लगातार बढ़ा दी गई है, जिसका काफी फर्क पड़ा है।
बिल्डिंग मेटेरियल व्यवसाय से जुड़े मिलाप स्टोर के संचाल राजकुमार की माने तो भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में यह इजाफा कोरोना काल से ही हुआ था, जो अब तक जारी है। लोहे, ईंट सहित अन्य वस्तुओं पर बढ़ोतरी पिछले एक साल में देखने को मिली है। वर्ष 2020 में लॉकडाउन के बाद सीमेंट के दाम बढ़े थे, लेकिन इस बार सीमेंट के साथ भवन निर्माण की अधिकांश सामग्री के दामों में बढ़ोतरी हुई है।

जिसको लेकर लोग परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह की ही बात करें तो सीमेंट के दामों में दो बार वृद्धि हुई है। अल्ट्राटेक सीमेंट का जो कट्टा पहले 420 रुपये का था, वो अब 460 रुपये का मिल रहा है। एकदम से 40 रुपये की वृद्धि सीमेंट के कट्टे पर इसी माह में हुई है। इसके अलावा र्इंटों की बात की जाये तो जो र्इंट पहले तीन हजार रुपये प्रति हजार र्इंट थी। वही र्इंट अब 4000 रुपये प्रति हजार मिल रही है। पिछले दो माह में ही यह वृद्धि देखने को मिली है। जिससे लोगों ने फिलहाल अपना घर बनाने का विचार भी छोड़ दिया है।
लोहे की कीमत 40% बढ़ी, सरिया 52 से 80″ किलो पहुंचा
बंसल स्टील के अंकुर ने बताया कि पिछले तीन महीनों में ही लोहे की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है। कच्चे माल की कीमतों में करीब 40 फीसदी तक का इजाफा हो गया है। निर्माण क्षेत्र में काम आने वाले लोहे के सरियों की कीमतें भी ढ़ाई महीने में 50-52 रुपये किलो से बढ़कर 80-82 रुपये किलो पहुंच गई है। ब्रांडेड सरिया 85 रुपये किलो तक बाजार में मिल रहा है। इस बढ़ोतरी ने मेरठ सहित देशभर के उद्योग जगत को प्रभावित किया है।
लोहे के कच्चे माल (बिलेट) की कीमतें तीन महीने में करीब 40 फीसदी तक बढ़ गई हंै। एक दिसंबर 2021 को लोहे की प्रति मेट्रिक टन (प्रति हजार किलो) कीमत 43,600 रुपये थी, जो बढ़कर 56,600 रुपये पहुंच गई है। पिछले 17 दिनों दामों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 28 फरवरी को कीमत 51,600 रुपये थी, जो मार्च को 56 हजार 600 रुपये तक पहुंच गई है।
भवन निर्माण की मजदूरी भी महंगी
भवन निर्माण का काम करने वालों की माने तो पहले जो मजदूर 500 रुपये रोज में मिलते थे, उसके रेट वर्तमान में 700 रुपये चल रहे हैं। वहीं मकान बनाने वाले मिस्त्री जो पहले 700 लेते थे। वह वर्तमान में एक हजार रुपये ले रहे हैं। इस कारण भवन निर्माण का बजट गड़बड़ा गया।

