Monday, March 23, 2026
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प्रभात आश्रम टीकरी गुरुकुल नहीं, विश्वविद्यालय?

  • देश का संस्कृत का नि:शुल्क आईआईटी हैं टीकरी का गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी
  • स्वर्णिम उपलब्धियों का शत-प्रतिशत सरकारी सेवा की सफलता एक मात्र संस्थान

जनवाणी संवाददाता |

जानी खुर्द: गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी एक गुरुकुल शिक्षा का शिक्षण संस्थान नहीं, शत-प्रतिशत सफलता का विश्वविद्यालय बन गया है। आश्रम के कुलपति परम पूज्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती के सांनिध्य में यहां पढ़ने वाले छात्र देश भक्त चरित्रवान ही नहीं देश की सरकारी सेवा में शत-प्रतिशत सफलता के झंडे गाड रहे हैं।

भोला गंगनहर किनारे स्थित गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी परम पूज्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती के सानिध्य में निरंतर नये आयाम स्थापित कर रही है। आश्रम में छात्रों को देश दुनिया की अन्य भाषाओं के साथ-साथ संस्कृत भाषा व भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार और संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण में भी प्रभात आश्रम टीकरी निरंतर प्रयासरत है। मार्च 2019 के बाद का वो समय जब भारत ही नहीं पूरी दुनिया की मानवता कोरोना महामारी के प्रकोप से कराह रही थी।

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तब भी यह संस्थान आश्रम के कुलपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती के सानिध्य में सुयोग्य,संस्कारवान,देशभक्त स्नातक की शिक्षा ग्रहण कर सरकारी सेवा में चयनित होकर नियुक्ति की ओर अग्रसर हो रहे थे। गुरुकुल के स्नातकों ने शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में भी विश्वविद्यालय में 1 असिस्टेंट प्रोफेसर, उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग में 5, दिल्ली में प्रवक्ता पद पर 4, उत्तर प्रदेश में प्रवक्ता पद पर 4, उत्तर प्रदेश टीजीटी पद पर 5, दिल्ली टीजीटी पद पर 1, उड़ीसा टीजीटी पद पर 2 व इसके अलावा बांग्लादेश में चल रही एशिया की तीरांदाजी में कपिल कुमार ने 2 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किये। इतना ही नहीं आश्रम के कुलपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती के सानिध्य में 6 छात्रों ने एनईटी परीक्षा पास कर जेआरएफ के लिए चयनित हुए है।

वहीं, गुरुकुल के 69 छात्र अब तब जेआरएफ प्राप्त कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा आयोग द्वारा तीन दिन पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर संस्कृ त परीक्षा के घोषित परिणाम में आश्रम के पांच सुयोग्य स्नातक अंकित, वेदरत्न, प्रभात कुमार, सोहन व अवधेश को यूपीएचईएससी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित किया गया है। प्रभात आश्रम टीकरी को संस्कृत का नि:शुल्क आईटीआई कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

यह सब आश्रम के प्राण स्वरूप, तपोमूर्ति पूज्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती के अक्लांत परिश्रम से छात्रों का स्वर्णिम मार्ग प्रशस्त हो रहा है। आश्रम में शैक्षिक सत्र 2022 से 2023 में छात्रों के प्रवेश के लिए 20 से 25 मई तक प्रवेश परीक्षा कार्यकर्म रखा गया है। जिसमें मात्र 16 सीटों के लिए अब तक 200 से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करा दिया है।

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