- रामलीला मंचन के बाद रिकॉर्डिंग को 14 भाषाओं में किया जाएगा समाहित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद पहली बार हाइटेक तकनीक का प्रयोग करते हुए अयोध्या में रामलीला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सभी पात्रों का अभिनय में हाइटेक तकनीक से होगा। यहीं नहीं हनुमान जी के पात्र के साथ अन्य सभी उड़ने वाले पात्र को हवा में उड़ते हुए ही दिखाया जाएगा।
ये जानकारी शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कमेटी के अध्यक्ष सुभाष मलिक, चेयरमैन राकेश बिंदल, मुखिया गुर्जर, चेयरमैन कार्यकारी अध्यक्ष वीपी टडन, उपाध्यक्ष डा. शैलेश चंद्र एवं रामलीला में माता-सीता का पात्र निभाने वाली अभिनेत्री कविता जोशी एवं भगवान राम का पात्र निभाने वाले कलाकार सोनू डागर ने दी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं संस्कृति मंत्रालय के मंत्री नीलकंठ तिवारी तथा अयोध्या शोध संस्थान के सहंयोग से मेरी मां फाउंडेशन के बैनर तले अयोध्या में रामलीला 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के मध्य होगी। वहीं, रामलीला के निर्देशक प्रवेश कुमार व इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि अयोध्या में होने वाली ऐतिहासिक रामलीला में जहां मुंबई की फिल्मी सितारे अदाकारी करेंगे। वहीं मेरठ की क्रांति धरा के संघर्षशील नेता मुखिया गुर्जर कुंभकरण तो बेटा परविंदर सिंह शत्रुघ्न की भूमिका निभाएंगे।
मंचन की रिकॉर्डिंग को होगा 14 भाषाओं में प्रचार-प्रसार
डायरेक्टर प्रवेश कुमार ने बताया कि रामलीला की पूरी रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। जिसकों बाद में 14 भाषाओं में समाहित करते हुए प्रसारित किया जाएगा। जिससे कि देश के सभी राज्यों में भव्य रामायण का मंचन पहुंचा जा सके। साथ ही सोशल मीडिया पर भी इसका लाइव प्रसारण किया जाएगा।
सामाजिक सौहार्द की मिशाल बनेगी रामलीला
रामलीला सामाजिक सौहार्द की मिशाल बनेगी। क्योंकि अध्योध्या की रामलीला में सभी धर्मों के कलाकार अपनी अदाकारी से भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम की घरती अयोध्या पर सद्भावना का संदेश देंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए अपने भाषण में अयोध्या की रामलीला के प्रबंधक कमेटी को तथा कलाकार को इससे कार्य करने के लिए धन्यवाद दिया।

