- पीड़ित ठेकेदार ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराया मामला
- ट्रस्ट के नाम पर की गयी धोखाधड़ी, खाते में ट्रांसफर कराया रूपया
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: शाहपुर की एक चिकित्सक दंपत्ति ने एक ठेकेदार से करोड़ों रूपयों की धोखाधड़ी कर ली। चिकित्सक दंपत्ति द्वारा यह धोखाधड़ी ठेकेदार को ट्रस्ट के जाल में फंसाकर तथा उसे सब्जबाग दिखाकर की गयी। पीड़ित ठेकेदार ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
गाजियाबाद जनपद के ट्रोनिका सिटी निवासी असलम पुत्र इलियास ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी कंस्ट्रेक्शन कंपनी है, जिसके माध्यम से वह निर्माण कार्य करता है। असलम का आरोप है कि शाहपुर निवासी डा. मौ. जुनैद व उसकी पत्नी डा. शहजादी ने एमजे एजूकेशनल एण्ड चैरिटेबिल ट्रस्ट बनाया हुआ है, जिसमें जुनेद अध्यक्ष व प्रबन्धक है, जबकि उसकी पत्नी कोषाध्यक्ष है।
आरोप है कि उक्त दंपत्ति द्वारा अपने ट्रस्ट के उद्देश्य की पूर्ति के लिए कस्बा शाहपुर जनपद मुजफ्फरनगर मे शाहपुर से चांदपुर जाने वाली रोड पर एमजेआईएमएस मैडिकल कालेज एवं हास्पिटल की बिल्डिंग एव चारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका ठेका उक्त दंपत्ति द्वारा उसे दिया गया था। आरोप है कि चिकित्सक दंपत्ति ने जीएसटी व अन्य टैक्स से बचने के लिए इकरारनामे में जानबूझकर बिल्डिंग निर्माण की कीमत अंकित नहीं की गयी थी।
यह इकरारनामा 2 मार्च 2019 को 100 रुपए के स्टाम्प पर कुछ नियम व शर्तों के साथ लिखा गया था। इस इकरारनामे में निर्माण कार्य के लिए पानी विद्युत सप्लाई की जिम्मेदारी चिकित्सक दंपत्ति की थी। आरोप है कि इस दौरान चिकित्सक दंपत्ति ने उससे कुछ कोरे कागजों पर भी साइन यह कहकर लिये थे कि ट्रस्ट के निर्माण कार्य के सम्बन्ध में कुछ प्रार्थना पत्र देने पड़ेंगे।
आरोप है कि निर्माण के दौरान जब उसने बिजली की सप्लाई लेने व समरसिबल का बोरिंग कराकर पानी की व्यवस्था कराने के लिए कहा, तो धोखा देने की नियत से चिकित्सक दंपत्ति ने उसे कहा कि वह बिजली कनेक्शन के लिए गारन्टी राशि 14,98,081 रुपए जमा कर दे व समरसिबल का बोरिंग करा ले, जो खर्च आयेगा वह अदा कर देंगे, जिस पर उसने 14,98,081 रुपए एमजे एजूकेशनल एण्ड चैरिटेबिल ट्रस्ट के नाम से अपने खाते से एनईएफटी के जरिये जमा किये तथा इसके अतिरिक्त तीस लाख रूपये शहजादी के एकाउन्ट में एनईएफटी द्वारा जमा किये।
इसके अलावा इकरारनामे के नियम व शर्तो के अनुसार पीड़ित ने बेसमेन्ट व भूतल प्रथम, द्वितीय तृतीय तल के निर्माण को छत तक तैयार कर 6,76, 10,000 रुपए से अधिक का निर्माण कार्य किया, जिसमें चिकित्सक दंपत्ति ने 5,04,50,952 रूपये का भुगतान किया, जबकि निर्माण कार्य के 1,70,00,000 रूपये बिजली व अन्य रूप से एनईएफटी के जरिये जमा किये गये 44,98,081 रूपये हड़प लिये। इसके अलावा 80 लाख रूपये की सेटरिंग, पांच लाख की क्रेन मशीन, चार लाख रूपये की पलम्बिंग मशीन व लगभग 20 लाख का अन्य सामान भी हड़प लिया। कोर्ट के आदेश पर शाहपुर पुलिस ने दंपत्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

