- 10 मुर्दों के खिलाफ विभाग ने कराया मुकदमा दर्ज
जनवाणी संवाददाता |
गागलहेड़ी: वाहवाही लूटने के चक्कर ने फजीहत हो गई। विधुत विभाग का अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। 24 किसानों पर कराई गई एफआईआर में विधुत विभाग के अधिकारियों ने 10 मुर्दों के नाम भी एफआईआर में दर्ज करा दिए। यक्ष प्रश्न यह है कि क्या मुर्दे मीटर उखाड़ सकते है? इसका सही जवाब तो विद्युत विभाग ही दे सकता है।
विद्युत विभाग वैसे तो बड़े बड़े कारनामो के लिए पूर्व से ही जाना जाता है, लेकिन कुर्सी पर जमे अफसर वाहवाही लूटने के लिए कभी-कभी ऐसे कारनामे कर जाते हैं कि विभाग की फजीहत हो जाती है। ऐसा ही मामला थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव रँगेल का सामने आया है। जहाँ कुछ दिन पूर्व विधुत विभाग ने किसानों के ट्यूबवेलो के केबल काटकर बगैर किसानों की सहमति के मीटर लगा दिए थे। मीटरों में टेक्निकल प्रॉब्लम होने के कारण बिल में बढ़ोतरी को लेकर किसानों ने सभी मीटर उतार कर बिजलीघर जमा करा दिए थे।
जिसकी रिसीविंग कॉपी भी किसानों को विधुत विभाग के अधिकारियों ने उपलब्ध करा दी थी। लेकिन विधुत विभाग के अधिकारियों ने रँगेल गांव के 24 किसानों पर विभागीय आदेश से छेड़छाड़ व सरकारी सम्पत्ति पर नुकसान पहुचाने को लेकर थाना गागलहेड़ी में तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया था।
मुकदमे में रँगेल गांव के साधुराम, आत्माराम, हमीद, फूल सिंह, हरिचन्द, यासीन, इकराम, सुमन, प्रेमचंद त्यागी, इंदरसिंह, साकिल, यूनुस ,चमेल सिंह, दाशी राम, कालूराम त्यागी, बिसम्बर सिंह, ओमपाल त्यागी, जुम्मा , कुशल पल सिंह, श्याम सिंह, ह्रदय राम, राकेष कुमार, रशूल अहमद, रघुवीर सिंह का नाम शामिल है। किसानों ने बताया कि इन नामो में 10 नाम ऐसे है जो कि कई कई साल पहले मर चुके है। जिसमे आत्माराम, हमीद, हरिचन्द, यासीन, साकिल, दासिराम, कालूराम त्यागी, बिसम्बर, ह्रदय राम, रशूल अहमद है। विधुत विभाग के अधिकारियों ने बिना जांच पड़ताल के इतनी बड़ी कार्रवाई कर दी, जिसमे विभाग की खिल्ली उड़ रही है।

