- एसडीएम ने मौके पर जाना बदहाल तालाबों का हाल
- गंदगी से अटे पड़े तालाब व बंद रास्तों को देखकर दंग रह गए एसडीएम
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: मंगलवार को रोहटा गांव के बदहाल तालाबों की हालत एसडीएम सदर ने देखी तो वे दंग रह गए। गंदगी से अटे पड़े तालाब बंद रास्तों बज बजाती भारी गंदगी व बदबू से एसडीएम भी हैरान रह गए। हालांकि इस दौरान गांव के लिए बड़ी समस्या बने इन गंदगी से अटे पड़े तालाबों की साफ-सफाई व अवैध कब्जे के लिए उन्होंने मातहतों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर इन की साफ-सफाई के लिए कहा।
गौरतलब है कि गांव रोहटा में मुख्य बस स्टैंड पर एक कहीं भी गए का तालाब बना हुआ है। इसके बीच से गांव की मलिन बस्ती में रास्ता जाता है, लेकिन स्थाई जल निकासी का समाधान नहीं होने और तालाब के अवैध कब्जे के चलते बजबजाती बदबू गंदगी से अटा होने के कारण रास्ते पर पानी भरा हुआ है। जिससे रास्ता बंद होने के साथ गांव के मुहाने पर बने इस तालाब में गांव की रौनक भी छीन रखी थी।
उठती भारी बदबू और गंदगी से यहां आस-पास के लोगों का जहां जीना मुहाल था। वहीं बस स्टैंड पर भी गांव के मुहाने पर यह तालाब कलंक बना हुआ है। हालांकि इस तालाब की स्थाई जल निकासी के लिए अभी तक अथक प्रयास के बाद भी प्रशासन कोई ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच पाया है।

इसे लेकर गांव के बाशिंदे अरसे से प्रशासन की हीला हवाली भुगत रहे हैं। तालाब के आसपास बनी मुस्लिम व दलित बस्ती के लोगों का जीना मुहाल हो चला है। इसे लेकर कई बार समाजसेवी ग्रामीणों ने आवाज उठाई लेकिन स्थाई समाधान नहीं हो पाया। जिसे लेकर पहले भी तहसील प्रशासन की टीम मौका मुआयना कर चुकी थी और नाले की खुदाई के लिए समाधान निकाला गया था। लेकिन, काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया था।

इसे लेकर एक बार फिर मंगलवार को एसडीएम सदर संदीप भागियाने अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर इन बदहाल अधिक गंदगी से अटे पड़े तालाबों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। जहां भारी गंदगी और बदबू देखकर एसडीएम खुद भी दंग रह गये। जल निकासी स्थाई समाधान हेतु एसडीएम ने गांव में मुख्य सड़क के समीप दोनों तालाबों की स्थिति को एसडीएम ने देखा। एसडीएम के निरीक्षण का पता लगते ही रोहटा ब्लॉक के बीडीओ राजीव वर्मा, जूनियर इंजीनियर रमेशपाल, ग्राम विकास अधिकारी रोहटा मौके पर पहुंचे।
इस मौके पर एसडीएम मेरठ को भाजपा नेता दुष्यंत ने तालाबों की जल निकासी न होने से रोहटा ग्राम वासियों को पिछले पांच वर्षों से हो रही परेशानी के बारे में अवगत कराया। एसडीम ने कानूनगो को मौके पर बुलाया और रोहटा गांव का सिजरा खोलकर तालाबों की पैमाइश के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कई वर्षों में कई अधिकारियों ने इन तालाबों के निरीक्षण किए हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अभी तक अमल में नहीं लाई गई। जिस कारण ग्रामवासी नारकीय जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
जिस पर एसडीएम ने मातहतों से तालाबों की पैमाइश कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। साथ ही तालाबों की सरकारी जमीन पर कब्जाधारकों को नोटिस देने की भी बात कही। जिसके बाद तालाबों की जल निकासी हेतु सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान जहां ग्रामीणों ने अपनी व्यवस्था सुनाई वहीं एसडीएम के निरीक्षण को लेकर ब्लॉक के कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा तो दूसरी ओर तालाब पर अवैध कब्जा करने वालों में भी हड़कंप मच गया।

