- लिसाड़ी गांव में जमीन देखी, लेकिन जगह कम होने से मामला अटका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है और अपराध प्रभावित इलाका होने के कारण लिसाड़ीगेट थाने पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। शासन से तीन थानों की मांग काफी समय से की जा रही है। इसमें लिसाड़ीगेट की पिलोखड़ी चौकी को थाना बनाने के लिये स्थानीय स्तर पर कार्यवाही तेज हो गई है।
माना जा रहा है निकट भविष्य में शासन पिलोखड़ी चौकी को थाने का रुप दे सकता है। इसको लेकर एसपी ट्रैफिक ने लिसाड़ी गांव में जमीन देखने गये थे, लेकिन मापदंड के हिसाब से जमीन कम निकली। एसपी ट्रैफिक ने इस बाबत एसएसपी को रिपोर्ट सौंप दी है।

पांच लाख की आबादी वाले लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में 1800 अपराधी रजिस्टर्ड हैं और 150 हिस्ट्रीशीटर बदमाश हैं। अपराध बाहुल्य कुछ इलाकों के कारण कानून व्यवस्था की समस्या अक्सर पैदा होती रहती है। इस थाना क्षेत्र में पिलोखड़ी चौकी का क्षेत्र सर्वाधिक संवेदनशील है और सर्वाधिक हिस्ट्रीशीटर भी इसी चौकी क्षेत्र से आते हैं।
एसएसपी ने काफी समय पहले शासन को प्रस्ताव भेजकर लिसाड़ीगेट की तीन चौकियों पिलोखड़ी, जाकिर कालोनी और समर गार्डन को थाने में तब्दील करने की मांग की थी। शासन ने इन मांगों को मान लिया है और जमीन तलाशने के निर्देश दिये थे।
इसी संदर्भ में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने एसपी ट्रैफिक जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को जमीन तलाशने के आदेश दिये थे। पुलिस विभाग को जानकारी मिली थी कि लिसाड़ी गांव में थाने लायक जमीन है। इस पर एसपी ट्रैफिक ने लिसाड़ी गांव जाकर जमीन देखी। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि लिसाड़ी गांव में जो जमीन बताई गई थी वो पर्याप्त नहंी निकली।
इस बाबत रिपोर्ट एसएसपी को दे दी गई है। दरअसल थाना बनाने के लिये बैरक, हवालात, मुंशी रुम, वेटिंग रुम, एसओ का कमरा, परिसर, महिला कक्ष आदि बनाये जाएंगे। इसके लिये पर्याप्त जमीन होनी चाहिये। फिलहाल अब दूसरी जगह जमीन देखी जाएगी।

