Friday, March 20, 2026
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किस तरह चैन से सो पाए सकीना बाबा

  • मोहर्रम के जुलूस में हुई जोरदार मातमपुर्सी, आंखों से निकले आंसू

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: किस तरह चैन से सो पाए सकीना बाबा, नींद मुझको न फूफी जान कभी आएगी, याद बाबा की मुझको हर घड़ी तड़पाएगी, रह गया करबोबला आपका सीना बाबा। अंजुमन तंजीम ए अब्बास के काशिफ जैदी ने जब यह नोहा पढ़ा तो जुलूस में शामिल हर हुसैनी सोगवार की आंखे नम हो गईं।

मोहर्रम की पांच तारीख को भी शहर सहित जैदी फार्म और लोहिया नगर में जुलूसों और मजलिसों का दौर जारी रहा। या हुसैन और या अब्बास की सदाओं के बीच नौहेख्वानो ने दर्दभरे नाहों से माहौल को गमजदा कर दिया। बुढ़ाना गेट स्थित इमाम बारगाह मोहम्मद अली खां से जुलजनाह का कदीमी जुलूस बड़ी अकीदत के साथ बरामद हुआ जिसमें झूला हजरत अली असगर और अलम-ए-मुबारक शामिल थे।

शहर सहित आस पास से आये हुसैनी सौगवारों ने मातम करके इमाम हुसैन और शोहदायें करबला को खिराजे अकीदत पेश की। अन्जुमन फौजे हुसैनी जैदी फार्म सहित स्थानीय अंजुमने जुलूस में शामिल रहीं अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, चांद मियां, मीसम, रविश तथा अन्जुमन दस्ता ए हुसैनी के साहिब ए ब्याज हुमायूं अब्बास ताबिश, गिजाल रजा और बिलाल आब्दी ने तथा अंजुमन तन्जीम ए अब्बास के सफदर अली, अतीक उल हसनैन नकवी, काशिफ जैदी, दारेन जैदी और जिया जैदी नौहेख्वानों और रजाकारों ने मातम और नौहेख्वानी करके इमाम हुसैन की शहादत का मकसद बयां किया। इन्होंने अपनी दर्द भरी आवाजों में नौहेख्वानी की और जनाबे फातिमा जेहरा और उनके लाल हजरत इमाम हुसैन और साथियों को पुरसा दिया।

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जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से गुजरता हुआ देर रात्रि वापस इसी इमामबारगाह पहुंच कर संपन्न हुआ। जुलूस के रास्तों में जगह-जगह मातमदारों के लिये चाय और दूध का एहतमाम किया गया था। जुलूस में मोहर्रम कमैटी के संयोजक अलहाज सैय्यद शाह अब्बास सफवी, डा. सरदार हुसैन, अंजुमन तंजीम-ए-अब्बास के संस्थापक सैयद तालिब अली जैदी, जिया जैदी, मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी, हाजी शमशाद अली, नियाज हुसैन गूड्डू और हुसैनी इन्कलाब चैनल के निदेशक हैदर अब्बास रिजवी शामिल रहे।

जुलूस के प्रबन्धक इकबाल हुसैन रहे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बन्दोबस्त रहे। जैदी फार्म में जुलूस शाहिद हुसैन के अजाखाने से शुरू हुआ। इससे पहले मौलाना सैयद अम्मार हैदर रिजवी ने मजलिस पढ़ी। इसके बाद अलम ए मुबारक का जुलूस बरामद होकर दरबारे हुसैनी पुरानी कोठी पहुंचा। जुलूस में अन्जुमन जैदी फार्म फौजे हुसैनी के रजाकारों ने मातम किया व नोहे पढ़े। जुलूस में बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शरीक रहे। यहां भी सुरक्षा का व्यापक प्रबन्ध था।

मोहर्रम कमैटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि कल दरबारे हुसैनी जैदी फार्म में मजलिस के बाद अलम-ए-मुबारक बरामद होगा जिसके आयोजक दिलबर जैदी हैं। सैय्यद तालिब अली जैदी ने बताया कि शहर में छह मोहर्रम को इमामबारगाह तकी हुसैन बाजार पेड़ामल से जुलूस ए जुलजनाह बरामद होगा। उधर, शहर की सभी इमामबारगाह और आजाखानों में मजलिस का सिलसिला जारी रहा।

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