Friday, March 20, 2026
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लंपी वायरस के कहर से दहशत में पशुपालक

  • वायरस को लेकर पशु चिकित्सा विभाग सतर्क
  • चार हजार से अधिक हो चुका टीकाकरण

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: लंपी डिजीज वायरस के कहर ने पशु पालकों में दहशत फैला रखी है। क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक गांवों में लंपी केस की संख्या अर्द्ध शतक पार कर चुकी है, जबकि एक गाय वायरस की चपेट में आकर मौत का शिकार हो चुकी है। इसमें अच्छी बात यह है कि मरीजों में सुधार भी हो रहा है। वायरस को लेकर पशु चिकित्सा विभाग पूरी तरह सतर्क है। सरधना क्षेत्र में अब तक चार हजार से अधिक गोवंशों का टीकाकरण किया जा चुका है।

लंपी डिजीज वायरस के केस कस्बे से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिल रहे हैं। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि गांवों में गोवंशों का पालन अधिक होता है। कई लोग वायरस की चपेट में आने वाले गोवंशों को खुले में छोड़करअपनी जान बचा रहे हैं। जो अन्य जानवरों के लिए ठीक नहीं है। सरधना क्षेत्र की बात करें तो यहां एक दर्जन से अधिक गांवों में करीब 56 केस सामने आ चुके हैं।

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झिटकरी गांव में वायरस की चपेट में आकर एक गोवंश की मौत भी हो चुकी है। राहत की बात यह है कि उपचार से गोवंशों के ठीक होने की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। पशु चिकित्सक पालकों को वायरस के लक्षण व बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं। ताकि गोवंशोें को वायरस से बचाया जा सके। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा अब तक 41 सौ गोवंशों को टीका लगाया जा चुका है। सबसे पहले गोशालाओं में टीकाकरण किया जा रहा है। ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। क्योंकि वायरस एक दूसरे से फैलता है।

मंगलवार को भी टीकाकरण अभियान जारी रहा। वहीं, इस संबंध में पशु चिकित्साधिकारी सरधना का कहना है कि करीब 13 गांव में लंपी डिजीज वायरस के केस सामने आए हैं। जिनमें से झिटकरी गांव में एक गोवंश की वायरस से मौत हुई है। बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 41 सौ से अधिक गोवंशों को टीका लागाया जा चुका है।

इनमें हो चुका टीकाकरण

क्षेत्र के नगर में दो गोशाला के अलावा कुशावली, खेड़ा, सरधना देहात, भामौरी, अलीपुर, टेहरकी, झिटकरी, नंगला आर्डर आदि गांव में करीब 41 सौ गोवंशों को टीका लगाया जा चुका है।

गोवंशों को खुला छोड़ रहे

लंपी वायरस फैलने के साथ एक नई चुनौती विभाग के सामने खड़ी है। जागरूकता के अभाव में कुछ पशु पालक गोवंश के वायरस की चपेट में आने के बाद उसका इलाज कराने के बजाए उसे छुट्टा पशु के रूप में खुला छोड़ रहे हैं। जिससे वायरस अधिक फैलने का खतरा बना हुआ है।

इन गांवों में मिले लंपी केस

गांव का नाम                                मरीजों की संख्या

फरीदपुर                                              4

रार्धना                                                 4

सरधना नगर                                          5

सरधना देहात                                         4

झिटकरी                                               8

चांदना                                                 3

जुलेढा                                                 4

खेड़ा                                                   4

महादेव                                                1

दौलतपुर                                               5

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