- रजपुरा, खरखौदा व माछरा के हालात विकट, मेरठ, मवाना, हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ स्थिति भयावह
- जल संकट से उबरने के लिए रजपुरा और खरखौदा के 57 गांवों में अटल भूजल योजना के तहत कई कार्यक्रम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिले का आधे से ज्यादा हिस्सा जलदोहन के कारण गंभीर हालत में पहुंच गया है। जनपद के तीन ब्लॉक डार्क जोन की विकट और चार ब्लॉक भयानक स्थिति में हैं। भीषण जलसंकट की इस स्थिति से उबरने के लिए पहले चरण में रजपुरा और खरखौदा ब्लॉक क्षेत्र के 57 गांवों को अटल भूजल योजना में शामिल करके ट्रीटमेंट किया जा रहा है।
मेरठ जिले के चार ब्लॉक क्षेत्र रजपुरा, खरखौदा, माछरा के साथ-साथ मेरठ को भी डार्क जोन में शामिल किया जा चुका है। हालांकि मेरठ ब्लॉक क्षेत्र की कुछ समय पहले आई रिपोर्ट में कुछ सुधार होने के बाद भयावह श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके साथ-साथ मवाना, हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ ब्लॉक क्षेत्र को विकट श्रेणी में रखा गया है। यानि जनपद के 12 ब्लॉक क्षेत्र में केवल पांच दौराला, रोहटा, जानी, सरधना और सरूरपुर को ही सुरक्षित माना गया है।
भू-भौतिकविद्ध आशीष गुप्ता का कहना है कि यह स्थिति बहुत भयावह है। जिससे उबरने के लिए ग्राम जस्टीमेशन की रिपोर्ट के अनुसार हर ग्राम पंचायत स्तर के स्तर पर वाटर सिक्योर्टी प्लांट में पानी के सोर्स, बरसात, तालाब, वाटर कंजप्शन और वाटर बजटिंग के जरिये स्थिति पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गंभीर स्थिति से जूझ रहे रजपुरा और खरखौदा ब्लॉक क्षेत्र के 57 गांवों में अटल भूजल योजना लागू की गई है।

इस योजना के अंतर्गत सप्लाई साइड और डिमांड साइड का अध्ययन करके ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। इन दिनों चयनित गांवों में डिजीटल रथ और नुक्कड़ नाटक आदि के जरिये लोगों को यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि पानी की कम खपत करके ही इस संकट का सामना किया जा सकता है। ड्रिप सिंचाई पद्धति के जरिये 40 प्रतिशत तक पानी की बचत करने के लिए किसानों को प्रेरित करने का अभियान चल रहा है।
इन गांवों में केन्द्र और राज्य सरकारों की ओर से 100 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इन गांवों में भूगर्भ जल अधिनियम 2019 के अनुसार इंडस्ट्री को एनओसी लेना जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा सिंचाई और उद्यान विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं को अटल भूजल योजना से सम्बद्ध कर दिया गया है।

