- भीड़ ने आरोपी को पुलिस के कब्जे से छुड़ाया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नौचंदी थाना क्षेत्र माधवनगर में मानहानि के मामले में एनबीडब्लू में गिरफ्तारी के लिए गई नौचंदी पुलिस पर आरोपी और कई लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। भीड़ ने आरोपी को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया। लेकिन पुलिस ने बाद में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने पर मुकदमा दर्ज किया है।
हापुड़ रोड स्थित माधवनगर निवासी मौहम्मद साकिब का माधवनगर में अमन न्यूज का आॅफिस है। साकिब पर मानहानि का मुकदमा दर्ज है। कोर्ट से कई बार गैरहाजिर रहने पर उसके खिलाफ एनबीडब्लू वांरट जारी हुआ है। मंगलवार की शाम नौचंदी थाने के एसआई कुंवर सिंह कई पुलिसकर्मियों के साथ साकिब की गिरफ्तारी के लिए माधवनगर स्थित अमन न्यूज के आॅफिस पहुंची थे।
जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो साकिब ने शोर मचा दिया। इस पर वहां आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने पुलिस के साथ हाथपाई करते हुए आरोपी साकिब को छुड़ा लिया। इस दौरान आरोपी को छुड़ाने पर पुलिस ने अन्य पुलिसकर्मियों का मौके पर बुला लिया।

भारी पुलिस फोर्स आने के बाद पुलिस ने आरोपी साकिब को घेराबंदी के बाद दबोच लिया। पुलिस ने 6 व्यक्तियों को नामजद करते हुए दस अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने माधवनगर निवासी आरिफ, आसिम, नासिर, साजिद, फूलजहां, व दस अन्य अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 148, 186, 332, 353 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
दबंगों ने महिला को पीटा, घर पर किया कब्जे का प्रयास
खरखौदा पुलिस का एक कारनामा प्रकाश में आया है। काशीराम आवासीय कालोनी में दबंगों ने एक महिला को पीटा और पुलिस से मिलकर उसके घर का सारा सामान बाहर फिंकवा दिया। पुलिस ने कार्रवाई की बजाय उल्टा पीड़ित पक्ष पर दबाव बना दिया। मारपीट में घायल महिला को आईसीयू में रखा गया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम से शिकायत की है।
काशीराम लोहिया नगर आवासीय कालोनी में मौहम्मद आदिल का परिवार एफ/110 सी पॉकेट में रहता है। आदिल गैर जिलों में कपड़े बेचने का काम करता है। परिवार में पत्नी सुल्ताना और तीन बच्चे हैं। आदिल ने शहनाज पत्नी सलीम निवासी लिसाड़ी गेट से वर्ष 2017 मेें काशीराम एफ/110 आवास तीन हजार रुपये माह किराये पर लिया था। आदिल ने बताया कि उसकी पत्नी के शहनाज से अच्छे रिश्ते बन गये थे।
जिसके बाद शहनाज अपना मकान बेचने के लिए सुल्ताना से कहा। उक्त मकान का सौदा 6 लाख में तय हो गया। आदिल ने बताया कि एडवांस बयाना के तौर पर उन्होंने 2 लाख 90 हजार रुपये लिखित रसीद लिखाकर शहनाज को दे दिये, लेकिन जब उन्होंने मकान का बैनामा करने के लिए कहा तो उन्होंने इन्कार कर दिया। इस बात को लेकर कई बार सलीम से कई बार विवाद हुए।
आदिल के अनुसार उक्त मकान के विवाद का वाद सिविल कोर्ट में दायर किया गया। वर्तमान में मकान विवाद सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। चार सितम्बर को आदिल कपड़ा बेचने बाहर गया हुआ था। सुल्ताना और उसके तीन बच्चे घर पर अकेले थे। इस सलीम और उसकी पत्नी शहनाज व आठ-दस अज्ञात लोग सुल्ताना के घर पर आ धमके। उन्होंने सुल्ताना के साथ मारपीट कर बंधक बना लिया।
करीब दो घंटे तक कमरे में बंद कर दिया। इस बीच दबंगों ने घर में रखा सामान नीेचे सड़क पर फेंक दिया। करीब दो घंटे तक दबंगों ने घर में लूटपाट कर उत्पात मचाया और सामान बाहर फेंककर फरार हो गये। किसी तरह सुल्ताना ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस बिना कार्रवाई के चली गई। मारपीट में घायल सुल्ताना किसी तरह बिजली बंबा पुलिस चौकी पर पहुंची और घटना की जानकारी दी।
आरोप है कि बिजली बंबा चौकी इंचार्ज ओमवीर सिंह यादव मौक पर नहीं पहुंचे और कार्रवाई से इन्कार कर दिया। मारपीट में घायल महिला को नर्सिंग होम में भर्ती कराय गया है। जहां उसे आईसीयू में रखा गया है। पीड़ित आदिल ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने घर में रखे सोने के जेवरात और एक लाख 5 हजार रुपये भी लूटकर ले गये। थाना खरखौदा पुलिस घटना में कार्रवाई नहीं कर रही। पीड़ित ने सीएम से पूरे मामले की शिकायत की है।

