जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि पेराई सत्र से पूर्व गन्ना किसानों का भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिल पेराई सत्र से पूर्व गन्ना किसानों का भुगतान करना सुनिश्चित करें अन्यथा प्रशासन को सख्त कार्रवाही करनी पडेंगी। उन्होंने कहा कि यदि बाजा शुगर मिल बकाया भुगतान में लापरवाही बरतती है तो उसकी आरसी जारी की जाए।
अखिलेश सिंह आज यहां कलक्ट्रेट सभागार में गन्ना मूल्य भुगतान के संबंध में चीनी मिलों के यूनिट हैड के साथ बैठक कर रहे थे। जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिये कि बजाज शुगर मिल गांगनौली का भिगतान सबसे कम है। उन्होंने कि बजाज शुगर मिल को तत्काल नोटिस भिजवायें यदि भुगतान में फिर भी लापरवाही बरती जा रही है तो तत्काल चीनी मिल के विरूद्ध आरसी जारी की जाए।
उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के भुगतान की किसी भी स्तर पर अनदेखी नहीं होने दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर स्थिति में हमारा प्रयास होना चाहिए कि पेराई सत्र से पूर्व गन्ना बकाया का भुगतान कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन चीनी मिलों पर किसानों का गन्ना मूल्य बकाया है वे जल्द से जल्द उसका भुगतान करें। उन्होने कहा कि चीनी मिलों को भी जल्दी चलवाया जाये।
जिला गन्ना अधिकारी केएम एम. त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में किसानों को 1280 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया गया है। 389 करोड़ का भुगतान अभी होना शेष है। उन्होंने बताया कि गांगनौली चीनी मिल ने अभी तक कुल 51 प्रतिशत ही भुगतान किया है जो सबसे कम है।
उन्होांने बताया कि नानौता चीनी मिल ने 80 प्रतिशत, देवबन्द ने 85 प्रतिशत, शैरमऊ ने 63 प्रतिशत और सरसावा ने 82 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है। उन्होने बताया कि गांगनौली एवं देवबन्द चीनी मिल 31 अक्टूबर को, नानौता 04 नवम्बर को तथा शैरमऊ एवं सरसावा चीनी मिल 06 नवम्बर को चालू कर दी जायेंगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, जिला गन्ना अधिकारी केएमएम त्रिपाठी, अनिल कुमार शर्मा, राकेश दीक्षित, यशराज सिंह, अनिल चैहान, वीपी पाण्डेय, सौरभ बंसल आदि उपस्थित थे।

