जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आईपीएल में लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद विराट कोहली आलोचनाओं के घेरे में थे, लेकिन बड़े खिलाड़ी दबाव में ही अपनी असली पहचान दिखाते हैं। रायपुर में केकेआर के खिलाफ विराट ने नाबाद शतक लगाकर न सिर्फ अपनी फॉर्म में दमदार वापसी की, बल्कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को शानदार जीत दिलाते हुए अंक तालिका में शीर्ष पर भी पहुंचा दिया।
विराट कोहली ने इस मुकाबले में आईपीएल का रिकॉर्ड नौवां शतक जड़ा। इसके साथ ही उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ते हुए 279 मैचों के साथ आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
‘पिछले दो मैचों की नाकामी मुझे अंदर से परेशान कर रही थी’
मैच के बाद विराट ने खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि पिछले दो मुकाबलों में रन नहीं बना पाने का असर उन पर मानसिक रूप से पड़ा था।
कोहली ने कहा, “पिछले दो मैचों में मैं ज्यादा रन नहीं बना पाया था। यह बात मुझे अंदर ही अंदर खा रही थी, क्योंकि मुझे पता है कि मैं अच्छा खेल सकता हूं और गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब आप अपनी पारी को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाते और टीम पर असर नहीं डालते, तो वह परेशान करता है। इतने वर्षों से मेरा लक्ष्य खुद को बेहतर बनाना और टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना रहा है।”
98 रन पर डांस कर दिखाया आत्मविश्वास
विराट का आत्मविश्वास इस मैच में साफ नजर आया। 98 रन के निजी स्कोर पर उन्होंने कार्तिक त्यागी के ओवर में छक्का जड़ने के बाद मैदान पर डांस कर जश्न मनाया। यही नहीं, लगातार दो डक के बाद जब उन्होंने इस मुकाबले में पहला रन बनाया, तब भी उनके चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिखाई दी।
‘असफलताएं ही वापसी का मौका देती हैं’
कोहली ने माना कि लगातार खराब प्रदर्शन के बाद दबाव जरूर बनता है, लेकिन वही खिलाड़ी को बेहतर बनने के लिए प्रेरित भी करता है।
उन्होंने कहा, “दो मैच अगर आपके मुताबिक नहीं जाते तो थोड़ी घबराहट होती है, लेकिन वही आपकी मदद भी करती है। मेहनत बहुत लगती है, मगर इससे आपका खेल ऊपर जाता है। वे असफलताएं बहुत जरूरी होती हैं, क्योंकि वही आपको वापसी की जगह देती हैं।”
उनका यह बयान एक बार फिर साबित करता है कि महान खिलाड़ी असफलताओं से टूटते नहीं, बल्कि उनसे सीखकर और मजबूत बनते हैं।
‘दबाव एक विशेषाधिकार है’
विराट ने दबाव को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दबाव खिलाड़ी को जमीन से जोड़े रखता है और लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है।
कोहली ने कहा, “लोग कहते हैं दबाव एक विशेषाधिकार है, क्योंकि यह आपको विनम्र बनाए रखता है। अच्छा दबाव हमेशा आपके खेल को बेहतर करता है।”
उन्होंने आगे कहा,“दबाव आपको फोकस में रखता है और आपको फिर से नेट्स में जाकर ज्यादा मेहनत करने के लिए मजबूर करता है। आप चीजों को हल्के में नहीं ले सकते।”
‘बल्लेबाजी से प्यार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत’
विराट ने बल्लेबाजी के प्रति अपने जुनून को भी खुलकर जाहिर किया। उन्होंने कहा कि खेल के प्रति उनका प्यार ही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा, “मुझे बल्लेबाजी से प्यार है, यही मेरी सबसे गहरी भावना है। इस स्तर पर खेलना सम्मान की बात है। मैं मैदान पर अपना दिल और जान लगा देता हूं, क्योंकि एक दिन यह सब खत्म हो जाएगा।”
कप्तान रजत पाटीदार ने भी टीम की तारीफ की
RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने टीम प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि हर खिलाड़ी सही समय पर योगदान दे रहा है।
उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है। टीम के हर खिलाड़ी ने अलग-अलग समय पर योगदान दिया है। हम एक समय में एक मैच पर ध्यान दे रहे हैं।”
पाटीदार ने गेंदबाजों की भी तारीफ करते हुए कहा कि 10 ओवर के बाद टीम ने शानदार वापसी की और केकेआर को 192 रन पर रोकना मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
विराट कोहली की यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं थी, बल्कि मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और संघर्ष से वापसी की प्रेरणादायक कहानी भी थी। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी दबाव में ही सबसे ज्यादा चमकते हैं।

