- दोषियों पर कराई जा सकती है एफआईआर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम में सड़क घोटाले को लेकर मेयर सुनीता वर्मा बेहद गंभीर हैं तथा पूरे विभाग से नाराज भी है। मेयर का कहना है कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी बचेंगे नहीं। इसकी ग्राउंड स्तर पर जांच चल रही है। इस दौरान जो भी सड़के बनी है, उनकी जांच कराने की बात मेयर ने कही है। उनका कहना है कि करीब 25 करोड की सड़के बनी है। इन सभी की ग्राउंड स्तर पर जांच कराई जाएगी, ताकि कहीं इसके अलावा तो सड़क निर्माण में अनियमितता नहीं की गई है।
इसका भी पता चल सकेगा। मंगलवार को इसकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती है। जांच रिपोर्ट फिलहाल नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा के पास पहुंच गई है। जांच रिपोर्ट में इंजीनियरों को पूरी तरह से दोषी माना गया है। इस जांच रिपोर्ट के बाद जेई, एई और एक्शन के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
यह कदम नगर आयुक्त को ही उठाने होंगे। 15वें वित्त से जो धनराशि मिली है, उसकी जांच पड़ताल फिलहाल चल रही है। जितनी भी सड़कें बनी है, उन सभी सड़कों के निर्माण की जांच नगर निगम नगर आयुक्त करा रहे हैं। बता दें 2. 28 करोड़ से इस सड़क का एस्टीमेट बना था, जो 600 मीटर का था, लेकिन मौके पर 3 00 मीटर की सड़क बनी थी।
इस मामले में पूरी तरह से नगर निगम का इंजीनियर विभाग जांच के दायरे में आ गया है और कटघरे में खड़ा है। उस पर शिकंजा कानूनी तौर पर कसा जा रहा है। माना जा रहा है कि नगर आयुक्त की तरफ से कभी भी विभागीय कार्रवाई इंजीनियरों के खिलाफ हो सकती हैं। थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।

