- थाना पुलिस अवैध शराब की बिक्री पर नहीं लगा पा रही अंकुश
- शराब तस्करों के हौसले बुलंद, सभासद पति ने अधिकारियों से की शिकायत
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: पुलिस की अनदेखी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। जिले में पुलिस की लाख सख्ती के बाद हर तीसरे घर में बनती शराब शहर भर में बिकती भी है। पुलिस और विभाग की सख्ती के बाद भी देसी शराब बनती और बिकती है पर अब दिखती कम है। गुप्त रूप से तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है। इसमें जिले के ग्रामीण क्षेत्र अव्वल हैं। जिलों के कई गांवों में देसी शराब बनाई जा रही है। पुलिस भी लगातार छापेमारी कर अवैध शराब पकड़ रही है।
बावजूद तस्करों का हौसला टूटता नजर नहीं आता है। खास बात ये है कि शराब का अवैध कारोबार करने वाले यह दुकानदार कच्ची और अंग्रेजी शराब का हर तरह का ब्रांड रखते हैं। बस इसके लिए तय दाम से महंगा रेट देना होता है और शराब ग्राहकों को उपलब्ध हो जाती है। गांव-गांव में अवैध रूप से बिक रही शराब से अब युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में तेजी से आ रही है।
सरधना के खेवान मोहल्ले में अवैध शराब खुलेआम बिक रही है। जिससे यहां का माहौल खराब हो रहा है। आरोप है कि अवैध शराब का यह खेल मिलीभगत से हो रहा है। लगातार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब सभासद पति ने फिर से अधिकारियों से शिकायत करते हुए अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। अवैध शराब आए दिन लोगों की जान ले रही है।
हाल ही में हरिद्वार में जहरीली खराब ने जमकर कहर बरपाया है। सरधना में भी शराब दर्जनों लोगों की जान ले चुकी है। खेवान मोहल्ले में करीब आधा दर्जन ऐसे लोग हैं, जो खुलेआम अवैध शराब बेचते हैं। सभासद पति दिनेश कुमार का कहना है कि बस्ती में बाहरी लोगों का जमावड़ा रहता है। शराब पीकर लोग यहां उत्पात मचाते हैं। जिससे बस्ती का माहौल खराब हो रहा है।
मामले को लेकर कई बार पुलिस से शिकायत की जा चुकी है। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि अवैध शराब का यह खेल मिलीभगत से हो रहा है। अब सभासद पति ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।

मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आदर्शनगर मोहल्ले में एक युवक अवैध शराब बेच रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने अवैध शराब के 20 पव्वे बरामद किए। जिस पर पुलिस उसे पकड़कर कोतवाली ले आई। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी आशु का चालान कर दिया।
विभाग जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर करता है खानापूर्ति
लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में खुलेआम शराब बेची जा रही है। विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है, इसके बावजूद विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। अवैध कारोबारियों का धंधा जैसा चल रहा है। इसलिए इन्हें किसी की कोई परवाह नहीं है।
जगह-जगह अवैध शराब के अड्डे धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। जिन पर खुलेआम धीमी मौत का सामान बिकता है। कच्ची शराब लोगों की जिंदगी में तबाही का जहर घोल रही है। बावजूद, सब जानकर भी जिम्मेदार बेखबर बने बैठे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की उदासीनता कभी भी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
पुलिस के रहमोकरम पर फलफूल रहा कारोबार
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों आबकारी विभाग की मिलीभगत और पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध शराब विक्रय का कारोबार अच्छा खासा फल-फूल रहा है। जगह-जगह खुलेआम अवैध रूप बिक रही शराब के कारोबार को देखकर तो यही लगता है कि आबकारी विभाग ने शराब ठेकेदार को अवैध तरीके से शराब विक्रय करवाने की खुली छूट दे रखी है।
लोग खुलेआम अवैध शराब अड्डों तक शराब पहुंचा रहे हैं। जिसके बाद भी जिम्मेदार आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन अनदेखी कर रहा है। शराब दुकान से डायरियों के माध्यम से ठेकेदार के लोग अवैध शराब अड्डों तक शराब पहुंचा रहे हैं। जबकि शासन ने इन्हे सिर्फ तय दुकानों से शराब बेचने का लायसेंस दिया है। आबकारी विभाग की मिलीभगत एवं पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण हर तरफ अवैध शराब विक्रय का कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
अवैध शराब से कई घर हो चुके बर्बाद
ऐसे जगह-जगह आसानी से उपलब्ध होने वाली शराब के कारण कई घर बर्बाद हो चुके हंै तो वहीं युवा वर्ग जो कल का भविष्य है पर भी बुरा असर पड़ रहा है। आबकारी विभाग की मिलीभगत और पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी शराब माफियाओं का आतंक मचा हुआ है। जिसके बाद भी अवैध शराब माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होना तो यही दर्शाता है कि इन जिम्मेदारों और शराब माफियाओं के बीच में तगड़ी सांठगांठ है।
जिसके कारण ही हर तरफ अवैध शराब बेची जा रही है। दिन हो या रात इन अवैध शराब अड्डों पर हर समय आसानी से शराब मिल जाती है तो कई ढाबों पर भी अवैध शराब परोसी जा रही है, लेकिन अवैध आर्थिक कमाई की वजह से कोई भी प्रभावी कार्रवाई करने कि हिम्मत नहीं कर पा रहे है। यहां तक कि जो इन शराब माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं। उन्हें भी इन शराब माफियाओं द्वारा दबाने का प्रयास किया जाता है।

