Saturday, March 7, 2026
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ग्रेडेड रिस्पांस ऐक्शन प्लान (ग्रैप) नहीं हो पा रहा लागू

  • प्रदूषण विभाग ने पन्नी जलाने वाले 16 कोल्हू बंद कराये मचा हड़कंप

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दिल्ली एनसीआर का हिस्सा है। एनसीआर में पर्यावरण की खराब स्थिति को देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम के लिए ग्रैप लागू किया है, लेकिन इस पर प्रभावी तरीके से काम नहीं हो पा रहा है। पर्यावरण प्रदूषण के सवाल पर भी खानापूर्ति की जा रही है। नगर निगम ने सड़कों पर पानी का छिड़काव व सड़क किनारों से मिट्टी नहीं हटवाई।

ऐसा ही कुछ हाल है मेरठ विकास प्राधिकरण का। प्राधिकरण की तरफ से भी निर्माण सामग्री पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई है। सड़कों पर खुले में निर्माण सामग्री पड़ी है, जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। ग्रेडेड रिस्पांस ऐक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद खुले में पड़ी निर्माण सामग्री को लेकर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, मगर यहां पर अभी सब ठंडा चल रहा है। दिखावा मात्र के लिए एक-दो का चालान कर दिया जाता है, जबकि किसी भी सड़क पर आप निकल जाए, वहीं पर खुले में निर्माण सामग्री पड़ी हुई है।

चलने वाले जनरेटर भी प्रदूषण पैदा कर रहे हैं, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है। नगर निगम व एमडीए का प्रदूषण रोकने के लिए कोई ऐक्शन प्लान जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जहां कोल्हूू में पन्नी जलाई जा रही है, वहां पर छापेमारी चल रही है।

प्रदूषण रोकने के लिए 16 कोल्हू बंद करा दिये गए हैं। बिसौला, खरदौनी, जलालपुर समेत आधा दर्जन गांव ऐसे है, जहां पर कोल्हू में पन्नी जलाई जा रही है, लेकिन वहां पर छापा मारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। इसके अलावा मेरठ व बागपत में जिन उद्यौगिक फैक्ट्रियों में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, उन फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर नोटिस दिये जा रहे हैं। जनपद में ऐसे उद्योगों को प्रदूषण फैलाने औद्योगिक ईकाई व रोड़ी-डस्ट की बिक्री करने वालों को नोटिस दिये जा रहे हैं।

सील तोड़कर जलाई पन्नी, जुर्माना किया

मोदीपुरम: इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में लगे कोल्हू पर लगातार पॉलीथिन का प्रयोग किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने एक सप्ताह पहले जिन आठ कोल्हू पर सील लगाई थी, उनको कोल्हू संचालकों ने सील तोड़कर फिर से पॉलीथिन का प्रयोग किया।

सूचना के बाद शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक टीम अवर अभियंता सत्येंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में इंचौली पुलिस के साथ गांव में पहुंची, जहां पर छापेमारी कर सील टूटी हुई मिली। इसके बाद पुलिस के सहयोग से आठ कोल्हू पर दोबारा से सील लगा दी और 25 दिन के हिसाब से 25 हजार का जुर्माना लगा दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 15 और 16 अक्टूबर के हिसाब से कोल्हू संचालकों पर जुर्माना लगाया है और कार्रवाई के लिए पत्र जिला प्रशासन को भेज दिया है।

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