जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में खासा हंगामा रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव सहित सपा रालोद के सदस्य सदन की सारी कार्यवाही रोककर प्रदेश की ध्वस्त स्वास्थ्य सेवाओं के मुददे पर चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपा के सदस्य सदन की कार्यवाही रोककर इसी मुदृदे पर चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे थे।
विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना द्वारा प्रश्नकाल के पश्चात इस मुदृदे पर चर्चा कराने का आश्वासन देने के बाद सपा के सदस्य शांत हुए और अपने स्थान पर गए। प्रश्नकाल के बाद इसी मुदृदे पर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार के किए जा रहे सारे दावे हवाहवाई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री तो छापामार मंत्री बनते जा रहे हैं।
मंत्री के छापे का भी असर नहीं हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सभी जांचें महंगी कर दी गई है। भाजपा ने कहा था कि कई एम्स बनाएंगे लेकिन अपना घोषणा पत्र भी पलट कर नहीं देखा। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा कि सीतापुर के एक गरीब व्यक्ति के बच्चे का उपचार नहीं हो पाया।
वह लखनऊ आया तो यहां भी उसे इलाज नहीं मिला। बाद में एक दलाल के जरिये वह किसी तरह प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हुआ। सरकारी अस्पतालों में न तो दवाएं है न ही जांचों का इंतजाम है। सरकार ने सपा सरकार में बनाए गए सभी मेडिकल कालेजों कन्नौज, उरई, जालौन, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर के मेडिकल कालेजों को बर्बाद कर दिया है।
नेता प्रतिपक्ष के लगाए गए आरोपों के जवाब में नेता सदन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों से पहले यह जान लेना चाहिए कि प्रदेश में चार बार सपा की सरकार रही तब उसने इस दिशा में क्या किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का ही परिणाम है कि शिशु और मत्यु दर में कमी आई है। मुख्यमत्री ने कहा कि 2012-2017 से बीच सपा सरकार के दौरान सबसे ज्यादा इंसेफलाटिस से सबसे बच्चों की मौते हुई। मरने वाले बच्चों में अधिकांश अल्पसंख्यक दलित और पिछडे वर्ग के बच्चे थे। सपा सरकार के दौरान कोई पीडित परिवार में किसी के आंसू पोछने नहीं गया।
जिस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेता प्रतिपक्ष के आरोपों का जवाब दे रहे थे उस समय सदन में डिप्टीसीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस जवाब से अंसतुष्ट होकर सपा के सदस्य सदन से वाकआउट कर गए। इससे पूर्व सपा सदस्यो द्वारा हंगामा करने पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सदन की कार्यवाही तभी रोक कर चर्चा हो सकती है जब प्रदेश के सामने कोई विषम परिस्थिति हो। मौजूदा हालात में ऐसी कोई समस्या नही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार हो रहा है और लगातार जारी है।
विपक्ष का मकसद केवल और केवल हंगामा करना और सदन का समय बर्बाद करना है। आज ही सदन में सपा के वरिष्ठ सदस्य मनोज कुमार पांडेय ने कल सपा सदस्यों को सदन की कार्यवाही में आने के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने का विशेषधिकार का मामला उठाते हुए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियेां को सदन में बुलाकर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने उनकी इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए कि सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से किसी को नहीं रोका गया। इसलिए यह विशेषाधिकार का मामला नहीं बनता है। उनके इतना कहते ही सदन के सारे सदस्य उत्तेजित होकर वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना देकर बैठ गए। शोरशराबे और हंगामें के बीच विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना ने एजेंडे के अनुसार सदन की कार्यवाही निष्पादित की। उसके बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
आज ही सदन में सदन के दो तीन सदस्यों को उनके जन्मदिन पर बधाई दी गयी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सदस्य श्रीराम चौहान,सर्वेश सिंह व सपा के सदस्य शुएब अंसारी को उनके जन्मदिन की बधाई दी गयी।

