जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगियों पर ईडी का शिकंजा कसता ही जा रहा है। अब ईडी ने विशेष अदालत में बताया है कि उसे साहिबगंज और झारखंड के आसपास के क्षेत्रों में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पत्थरों के अवैध खनन का पता चला है। इस अवैध खनन पर पूरी तरह से सीएम सोरेन के करीबी सहयोगी और विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का नियंत्रण है, जिसे बीते दिनों ईडी ने गिरफ्तार किया था।
ईडी ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि मिश्रा ने लगभग सभी खानों में क्रशर की भी स्थापना की। सभी खानों में उसका हिस्सा तय था, यहां तक कि खानों में परिवहन भी उसके नियंत्रण में था।
अवैध खनन मामले में ईडी ने अपनी चार्जशीट में तीन लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें पंकज मिश्रा, बच्चू यादव, और प्रेम प्रकाश मुख्य हैं। आरोप है कि तीनों ने अवैध खनन के जरिए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। फिलहाल तीनों न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनधि पंकज मिश्रा राजनीतिक दबदबे का नाजायज फायदा उठा रहा था और मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र साहिबगंज जिले के बरहैट में अवैध खनन को अंजाम दे रहा था।
चर्चित खनन घोटाले में रांची स्थित स्पेशल पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट) कोर्ट में लगभग पांच हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी। इस मामले में सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्र, कारोबारी बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश मुख्य आरोपी हैं। चार्जशीट में साहिबगंज इलाके में मनी लांड्रिंग और अवैध खनन में लगभग 1000 करोड़ के घोटाले के सबूत दिए गए है।
ईडी ने बयान में कहा, प्रदेश में अवैध खनन से अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय का पता चला है। 47 छापों में 5.34 करोड़ रुपये नकद जब्त किया है और 13.32 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस सीज किया गया। इसके अलावा 30 करोड़ रुपये का एक अंतर्देशीय पानी का जहाज और पांच स्टोन क्रशर, दो ट्रक व दो एके 47 असॉल्ट राइफल भी सीज की गई हैं।

