- हस्तिनापुर में गंगा में नाव डूबी, एक की मौत, पांच गायब
- दो नाविकों समेत 13 लोगों को सुरक्षित निकाला
जनवाणी टीम |
हस्तिनापुर/बिजनौर: महाभारत कालीन तीर्थ नगरी में नाव हादसे से दर्जन भर से अधिक लोग लापता है। उफनती गंगा नदी में दो दर्जन लोगों से भरी नाव पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में नाव में सवार दो दर्जन लोग बह गए। हादसा हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में मेरठ-चांदपुर सीमा को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर बनाये गये भीमंकुड गंगा पुल के समीप का है।

एक व्यक्ति के शव को बरामद कर लिया गया है। जबकि पानी में डूबे छह लोगों का अभी तक पता नहीं चला। 13 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। स्थानीय पुलिस के साथ प्रशसिनक अमला 44 वाहिनी पीएसी और एनडीआरएफ की टीम डूबे लोगों की तलाश कर रही है।
मंगलवार सुबह सात बजे करीब दो दर्जन लोगों को ले जा रही नाव अपने गंतव्य को जा रही थी, कुछ दूर जाने के बाद नाव अनियंत्रित हो गई और गंगा के बीच स्थित पुल के पिलर से टकराकर दो टुकड़ों में बट गई। जिससे नाव गंगा के गहरे पानी बीच में पलट गई। हादसे में स्थानीय गोताखोरों की मदद से दर्जन भर लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन पांच लोग अब भी लापता है।

जिनकी तलाश की जा रही है। नाव में चार अध्यापक सहित लगभग दो दर्जन लोग सवार थे। नाव में दरियापुर निवास अध्यापक अमरीश पुत्र प्रेमसिंह जलीलपुर ब्लॉक और अरुण कुमार पुत्र हरीराम व देवेंद्र पुत्र संत सिंह भी जलीलपुर ब्लॉक में अध्यापक है। 27 वर्षीय इजराइल पुत्र रहीश हेड कांस्टेबल की परीक्षा देने जा रहे 22 वर्षीय मनीष पुत्र हरनारायण, किसान अंकित व सोनू पुत्र वेद चौहान निवासी हस्तिनापुर, रायपुर खादर में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत 36 वर्षीय सोहनपाल पुत्र रिडकू सिंह व 37 वर्षीय लिकनपाल पुत्र पीतम सिंह नाविक बंटी पुत्र गेंदालाल और सुधीर पुत्र सूरजमल सवार थे। नाव में सवार लोगों ने बताया की मृतक मोनू शर्मा के साथ एक अन्य युवक दिलशाद भी घटना के समय नाव में सवार था। साथ ही हादसे के समय कई अन्य लोग भी नाव में सवार थे। जिनका अभी तक कोई पता नहीं लगा है।

