
सुभाष शिरढोनकर |
चार साल के लंबे समय बाद रनबीर के फैंस को ‘शमशेरा’ के जरिये उनके साथ रू ब रू होने का अवसर मिला लेकिन उनकी यह फिल्म दर्शकों को बेहद निराश करने वाली साबित हुई। 39 वर्षीय रनबीर कपूर ने 15 साल के अपने कैरियर में फिल्मों का चयन, काफी सोच समझकर अपनी पसंद मुताबिक किया। यही वजह रही कि उनकी जो कुछ एक फिल्में बॉक्स आॅफिस के लिहाज से अच्छी साबित नहीं हुहूं, उनमें भी रनबीर के काम की प्रशंसा हुई। बीते चार सालों में रनबीर की व्यावसायिक जिंदगी में भले ही एक ठहराव सा था लेकिन उनकी निजी जिंदगी में काफी कुछ घटता रहा। पहले आलिया के साथ रिलेशन और फिर अचानक पिता ऋषि कपूर का हमेशा हमेशा के लिए उन्हें छोडकर चला जाना, उसके बाद आलिया के साथ शादी और अब वह पैरेंट्स बनने जा रहे हैं। रनबीर की हाल ही में प्रदर्शित ‘ब्रह्मास्त्र’ का हाल, ‘शमशेरा’ जितना बुरा तो नहीं हुआ लेकिन इसके बावजूद दर्शकों को उनकी यह फिल्म कुछ खास पसंद नहीं आई। 410 करोड़ की लागत से बनी ‘ब्रह्मास्त्र’ अब तक की सबसे महंगी हिंदी फिल्मों में से एक थी। ‘ब्रह्मास्त्र’ की कमाई के आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस की स्ट्रेटजी, फिल्म रिलीज के पहले ही तय हो चुकी थी कि यदि फिल्म लोगों को पसंद नहीं आती है तो क्या करना है और वैसा ही कुछ इसके साथ किया भी जा रहा है। प्रस्तुत हैं रनबीर कपूर के साथ की गई बातचीत के मुख्य अंश:
पहले ‘शमशेरा’ और अब ‘ब्रह्मास्त्र’ आपकी इन दो फिल्मों को आॅडियंस का उतना समर्थन नहीं मिला जितनी उम्मीद की गई थी?
-मैं मानता हूं कि ‘शमशेरा’ नहीं चली और उसकी वजह शायद 70 के दशक वाला सब्जेक्ट था जिसे आज की जनरेशन ने रिजेक्ट कर दिया लेकिन ‘ब्रह्मास्त्र’ तो 300 करोड़ के क्लब में शामिल हो चुकी है और आगे भी काफी अच्छा कर रही है।
‘ब्रह्मास्त्र’ के बॉक्स आॅफिस आंकड़ों को पूरी तरह फेक बताया जा रहा है। कंगना का तो खुलकर कहना है कि वह देश के मशहूर मैथेमेटिशियन करण जौहर से इस गणित को अवश्य सीखना चाहेंगी?
-मुझे नहीं पता कि कंगना ने करण सर के बारे में क्या कहा है। मैं तो बस एक ही बात कहना चाहूंगा कि यदि ‘ब्रह्मास्त्र’ के आंकड़े फेक होते तो क्या दिल्ली की आॅडियंस फिल्म के शो सुबह 6 बजे शुरू करने की मांग करती।
फिल्मों के चुनाव को लेकर आप हमेशा सचेत रहे हैं?
-यह बात मैं अच्छे से जानता हूं कि हमारी फिल्मों से हमारा समाज प्रभावित होता है इसलिए मैं सिर्फ एंटरटेनमेंट की खातिर कुछ भी ऐसा वैसा नहीं कर सकता जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों।
क्या ‘शमशेरा’ करने पर आपको किसी तरह का पछतावा है। कहीं यह फिल्म आपने महज इसलिए स्वीकार तो नही की कि निर्देशक करण मल्होत्रा के साथ आपके डैडी भी ‘अग्निपथ’ कर चुके थे?
-मुझे अपनी किसी भी फिल्म को लेकर कोई अफसोस या पछतावा नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मेरी एक भी फिल्म ऐसी है जिसे मैं अपने बच्चों से छिपाना चाहूंगा। हां, डैडी को अवश्य लगता था कि जिस फिल्म का हीरो धोती पहनता है, वह नहीं चलती और डैडी की आशंका सच भी साबित हुई।
आप और आलिया पैरेंट्स हैं।
-मैं और आलिया खुशनसीब हैं कि हमने एक दूसरे को पा लिया है। जब से मैं और आलिया मिले, तब से हम एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और तभी से बच्चे के बारे में बाते करते रहे हैं। हम दोनों बहुत एक्साइटेड हैं कि हम लाइफ का एक नया चैप्टर शुरू करने जा रहे हैं।
आपने बच्चों के लिए किस तरह की प्लानिंग कर रखी है?
-मैं अपने बच्चे के साथ ज्यादा वक्त बिताना पसंद करूंगा। वैसे हमने अभी इस बारे में कुछ खास प्लानिंग नहीं की है। क्योंकि एक बार बच्चा आ जाता है तो आप पहले से ज्यादा संजीदा होकर अपने आप ही सब कुछ सीख जाते हो।
आलिया की फिल्म कंपनी के अंतर्गत ‘डार्लिंग’ का निर्माण हो चुका है। क्या अपनी फिल्म कंपनी की किसी फिल्म को
डायरेक्ट करने का आपका विचार है?
-मैंने संजय सर के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर अपनी शुरुआत की थी, इसलिए यदि मैं चाहता तो मुझे आसानी के साथ डायरेक्टर का ब्रेक मिल सकता था लेकिन जब से एक्टिंग को मैंने अपने प्रोफेशन के रूप में अपनाया है, मुझे डायरेक्शन का काम बेहद कठिन लगने लगा है लेकिन जैसे ही इस बारे में मेरा आत्म विश्वास बढ़ेगा, मैं अवश्य फिल्म डायरेक्ट करना चाहूंगा।


