Friday, March 20, 2026
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जेल में बनेंगे चिल्ड्रन पार्क, बिकेंगे उत्पाद

  • कारागार मंत्री ने किया जेल का निरीक्षण, बंदियों से किया संवाद, शामली में बनेगी जेल
  • बंदियों के बनाये उत्पादों को आउटलेट पर बेचा जाएगा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रदेश के कारागार एवं होमगार्ड राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति आज सुबह मेरठ पहुंचे। राज्य मंत्री ने मेरठ जिला जेल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कैदियों का हाल जाना। मंत्री ने कहा कि जेलों के निरीक्षण के दौरान बंदियों से मुलाकात होने पर कुछ चीजें सामने आई है जिनमें बंदियों के साथ संवाद किए जाने की जरूरत है।

कारागार मंत्री ने कहा कि 40 साल से कम उम्र के 70 से 80 प्रतिशत युवा जेलों में मौजूद है। जेलों में बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क बना रहे हैं। इस बार भारी संख्या में बंदियों ने हाईस्कूल और इंटर पास किया है। जेलों में जो उत्पाद बनाए जा रहे हैं उनके लिए विशेष रूप से काउंटर लगाकर वह सामान को बेचा जा सके और पूरे प्रदेश की जेलों में इस योजना पर अमल भी किया जा रहा है।

प्रदेश की जेलों में बंदियों को एमएसएमई और स्वरोजगार से जोड़ रहे हैं। उन्हें प्रशिक्षण दिला रहे हैं ताकि वो जेल से छूटकर बाहर आए तो अपना, परिवार का भरण पोषण कर सके। प्रदेश के 42 जेलों में शिक्षक नियुक्त है जो की जेलों में मौजूद इन बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं और जिन जेलों में शिक्षक तैनात नहीं है वहां महिला बंदी रक्षकों के माध्यम से इन युवाओं को शिक्षित किया जा रहा है।

बंदियों से किया संवाद

कारागार मंत्री धर्मपाल प्रजापति ने शनिवार सुबह मेरठ जेल पहुंचकर जेल परिसर में बंदियों के साथ संवाद का एक कार्यक्रम रखा। जिसमें मंत्री ने बंदियों को अपराध से तौबा करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि जेल में बंदियों के लिए एक नई पहल शुरू की गई। रिहाई के बाद बाहर जाकर कोई अपराध में शामिल ना हो।

इस दौरान मंत्री ने महिला बैरक में महिला बंदी की तीन साल की बच्ची का जन्मदिन मनाया और उसके साथ अन्य 6 बच्चों को भी गिफ्ट दिए। महिला बंदियों द्वारा बनाई गई कागज की ज्वैलरी और अन्य सजावट के समान भी दिखाए गए। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10 नई जेल बनाने का काम भी चल रहा है।

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जिसमें पश्चिम उत्तर प्रदेश में शामली जिला भी शामिल है। मंत्री के जेल परिसर में पहुंचने की जानकारी लगते डीएम दीपक मीणा, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण जेल में पहुंच गए। संवाद में बंदियों ने मंत्री को अपनी समस्या बताई। यहां तक की एक बंदी मंत्री के सामने भावुक हो गया और बोला की मेरे द्वारा किए गए अपराध के चलते मेरी पत्नी मजदूरी कर अपनी तीन साल की बच्ची को पाल रही है।

जिसका मुझे काफी दुख भी है इसके अलावा भी कई बंदियों ने अपने परिवार की समस्याओं के बारे में मंत्रियों को बताया। मंत्री ने भी उन्हें सुझाव दिया की वह जेल से बाहर जाने के बाद अपराध से तौबा कर ले और अपने परिवार के साथ रहें। इस दौरान जेल अधीक्षक राकेश कुमार डिप्टी जेलर राकेश, मनीष, अरविंद मारवाड़ी, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।

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