जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: गुजरात के मोरबी शहर में मच्छु नदी पर बना पुल रविवार की शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गए। इस दौरान पुल से सैकड़ों लोग नदी में गिर गए। हादसे के बाद से 77 लोगों की मौत की खबर है। वहीं सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी घटनास्थल का दौरा किया है। दूसरी ओर, राहत व बचाव कार्य जोरों पर है।
राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के मुताबिक, एसडीआरएफ की तीन और एसआरपी की दो प्लाटून भी बचाव और राहत कार्यों के लिए मोरबी पहुंच रही हैं। इलाज के लिए राजकोट सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है।
सीएमओ के मुताबिक, राजकोट, जामनगर, दीव और सुरेंद्रनगर से एनडीआरएफ की 3 प्लाटून, भारतीय नौसेना के 50 जवान और वायुसेना के 30 जवान, सेना के दो टुकड़ियां और दमकल की 7 टीमें अत्याधुनिक उपकरणों के साथ रवाना हुईं हैं।
एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहिदी ने बताया कि एनडीआरएफ की दो और टीमों को वडोदरा हवाई अड्डे से राजकोट हवाई अड्डे के लिए रवाना किया जा रहा है। इससे पहले एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने बताया था कि हादसे के बाद बचाव अभियान की मदद के लिए एनडीआरएफ की तीन टीमों को पहले ही गांधीनगर और बड़ौदा से बेजा जा चुका है।
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, एनडीआरएफ टीम के साथ वायुसेना का विमान भी राहत कार्यों के लिए रवाना हो गया है। एक घंटे में दूसरा विमान भेजा जाएगा। जामनगर और आसपास के अन्य स्थानों में बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर्स को तैयार रखा गया है। भुज और अन्य जगहों से मोरबी के लिए गरुड़ कमांडो भेजे गए।

