Tuesday, April 14, 2026
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आखिर क्यों जलाई जा रही कोल्हुओं में पन्नी ?

  • प्रदूषण विभाग की कार्रवाई के बाद भी संचालकों के हो रहे हौसले बुलंद, सील तोड़कर चल रहे कोल्हू

जनवाणी टीम |

मोदीपुरम/लावड़: प्रदूषण को लेकर बेहद गंभीर दिखाई दे रही सरकार के आदेशों को देहात क्षेत्र के गन्ना कोल्हू संचालक इन आदेशों को हवा में उड़ा रहे हैं। बार-बार इन कोल्हू संचालकों के खिलाफ प्रदूषण विभाग कार्रवाई कर रहा है, लेकिन उसके बाद भी इन कोल्हू संचालकों के सिर पर जू नहीं रेंग रही है। खरदौनी और बिसौला गांव में धड़ल्ले से कोल्हू संचालकों द्वारा खुलेआम पन्नी जलाई जा रही है।

यहां प्रदूषण विभाग द्वारा कोल्हू पर सील भी लगा दी गई, लेकिन उसके बाद भी कोल्हू संचालक सील तोड़कर यहां पन्नी जला रहे हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर किसकी शह पर इन कोल्हू संचालकों में इतनी हिम्मत हो रही है। जो बार-बार कार्रवाई के बाद भी पन्नी जलाने के लिए लगे हुए है।

खरदौनी गांव में लगभग 15 से 20 की तादाद में गन्ना कोल्हू लगे हुए हैं। जबकि बिसौला गांव में भी तीन से पांच गन्ना कोल्हू लगे हुए हैं। इन गांवों में पन्नी जलाने की शिकायत सबसे अधिक है। पन्नी जलाने के कारण प्रदूषण का प्रकोप लगातार बढ़ता है। ऐसे में बीमारी फैलने की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।

हाल ही में प्रदूषण विभाग द्वारा पांच गन्ना कोल्हुओं पर सील लगाई गई थी, लेकिन उसके बाद भी यहां बार-बार सील तोड़कर कोल्हू संचालक पन्नी जला रहे है। अब ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर सरकार के आदेशों को उड़ाने में इन कोल्हू संचालकों की कौन मदद कर रहा है।

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हालांकि प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी योगेंद्र कुमार का कहना है कि खरदौनी और इंचौली गांव में अब तक 20 गन्ना कोल्हुओं को सील किया जा चुका है, लेकिन बार-बार ये सील खोल देते हैं। ऐसे में अब 50 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। अगर इस बार कोल्हू संचालकों ने अपनी मनमानी की तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई विभाग द्वारा कराई जाएगी और जनपद के पुलिस प्रशासन से भी मदद ली जाएगी।

आखिर कौन है सफेद पॉश ?

कोल्हू संचालकों के पीछे सफे द पॉश है। आखिर यह सफेद पॉश कौन है। जो इन कोल्हू संचालकों की मदद कर रहा है। सरकार के आदेशों को उड़ाने की इतनी हिम्मत कोल्हू संचालकों में कैसे आई। सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने वाले सफेद पॉश के खिलाफ भी जनपद के प्रशासन को कार्रवाई करनी होगी अन्यथा यह प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही रहेगा।

कोल्हू संचालकों के विरोध में उतरे ग्रामीण

पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही खरदौनी गांव में दर्जनभर से अधिक कोल्हू वायु प्रदूषण फैल रहे हैं। पूर्व में भी छापेमारी के दौरान यहां प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग पाया गया था। दिनभर ये कोल्हू काला धुआं उगल कर वातावरण को दूषित कर रहे हैं। एक ग्रामीण ने प्रदूषण विभाग समेत कई अधिकारियों को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की है।

गांव निवासी फुरकान ने बताया कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले गुड़ बनाने के लिए खरदौनी गांव में लगभग वर्तमान में 18 कोल्हू संचालित है। इन कोल्हुओं में से कई कोल्हू ऐसे है, जहां प्रतिबंधित पॉलीथिन का अवैध रूप से प्रयोग हो रहा है। पूर्व में प्रदूषण विभाग की टीम ने पुलिस के साथ छापेमारी कर आठ कोल्हू सील भी किए थे और 75 हजार रुपये की जुर्माने की कार्रवाई की थी।

ग्रामीण ने बताया कि दिनभर कोल्हू काला धुआं उगलते रहते हैं। जिस कारण ग्रामीणों का वातावरण दूषित होने से दम घुटने लगा है। नियमानुसार कोल्हू आबादी क्षेत्र से बाहर होने चाहिए। परंतु खरदौनी गांव में मानकों की धज्जियां उड़ाकर कोल्हुओं का अवैध रूप से संचालन किया जा रहा है। उन्होंने प्रदूषण विभाग, जिलाधिकारी आदि को प्रार्थना पत्र भेजकर इन कोल्हू पर कार्रवाई की मांग की है।

प्रदूषण विभाग की टीम ने की अलग-अलग छापेमारी

मोदीपुरम शहर में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए रात में प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने अलग-अलग टीम बनाकर आधा दर्जन फैक्ट्री पर छापेमारी की। जहां पर सब कुछ ठीक मिला। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डा. योगेंद्र कुमार ने बताया कि देर रात दो टीमें अलग-अलग बनाई गई थी। जिसमें एक टीम ने पसवाड़ा पेपर मिल जानी और सरधना में छापेमारी की। जबकि दूसरी टीम ने देवप्रिया नोन बजा स्टारक्राफ्ट और पेपर मिल में छापेमारी की। वहां पर देखा कि कोई प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान वहां पर सबकुछ ठीक मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम दिन और रात में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। जहां पर कमियां मिल रही है। वहां पर जुर्माने के साथ-साथ बंदी की कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज रही है।

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