जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने मंगलवार को मुख्यभवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मत्स्य विभाग की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उप्र को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और मछुआ समुदाय का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत वर्ष 2022-23 में लाभार्थियों के चयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने के निर्देश दिये ताकि यथाशीघ्र जनपदों में लाभार्थी चयन की कार्यवाही सम्पन्न की जा सके। मत्स्य विभाग के प्रबन्धीन जलाशयों के सम्बन्ध में नयी नीति का निर्धारण किया गया है, जिसे शीघ्र ही लागू कराया जायेगा।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में परियोजनाओं हेतु लगभग 75 हजार आनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं जो विगत वर्ष की तुलना में 10 गुना अधिक हैं। लगभग 16 विभिन्न योजनाओं में महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति को 60 प्रतिशत तथा सामान्वर्ग को 40 प्रतिशत अनुदान धनराशि देकर विभिन्न मात्स्किीय गतिविधियों में लाभ दिलाया गया है। मत्स्य विकास मंत्री ने मत्स्य पालन एवं कृषि उत्पादन को एक साथ में नवीनतम तकनीकी सुविधायें मुहैया कराने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश यथाशीघ्र जारी किये जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है।

