- कड़ी कार्रवाई ना होने पर पलायन की दी चेतावनी
जनवाणी संवाददाता |
जानसठ: मंगलवार की रात राजपुर गांव में हुए संजू हत्याकांड को लेकर बाल्मीकि समाज के लोगों में रोष है। जिले के बाल्मीकि नेताओं ने समाज के लोगों के साथ सीओ का घेराव कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही गांव के लोगों ने कहा यदि समुचित कार्रवाई नहीं की गई तो वह गांव से पलायन को मजबूर होंगे।
मंगलवार की शाम गांव के दबंग मोहित उसके पिता राजेंद्र वह चाचा वीरेंद्र ने दलित समाज के संजू के घर में घुसकर अपनी लाइसेंसी बंदूक व तमंचे से अंधाधुंध गोली बरसाकर संजू की हत्या कर दी जबकि संजू की 5 वर्षीय पुत्री दीया, 4 वर्षीय पुत्र शौर्य व संजू के भाई मोहित गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
बुधवार की सुबह बाल्मीकि समाज के लोगों ने कोतवाली पहुंचकर सीओ शकील अहमद का घेराव किया। और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए रासुका लगाने की मांग की। लोगों ने बताया राजपुर व तिलोरा गांव से जाट समाज के दबंगों की दबंगई के चलते पहले ही दर्जनों परिवार गांव से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी जी कि यदि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो इन गांव से बाल्मीकि समाज के बच्चे कुछ लोग भी प्लान करने के लिए मजबूर होंगे।
सीओ शकील अहमद ने बताया तीनों आरोपितों के खिलाफ एसी एसटी एक्ट समेत सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने बताया की पुलिस ने मोहित व उसके पिता राजेंद्र सिंह को दबोच लिया है। उनकी लाइसेंसी बंदूक भी जबकि जा चुकी है। तीसरे आरोपित की तलाश में छापेमारी की जा रही है। गांव में पुलिस तैनात की जा चुकी है। किसी को भी डरने की आवश्यकता नहीं है।
प्रदर्शन करने वालों में मनोज कुमार एडवोकेट, चमन लाल, रविंदर, प्रेम, राजू भैया बाल्मीकि, सागर, डॉक्टर अश्वनी, राजन, मुकेश, प्रताप, अश्वनी, शंकर रॉकी, राहुल, अभिषेक, मोहित, रमेश, रजत, अनुराग, गगन, मित्रसेन, निखिल, मुकुल, आशीष आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
गांव में दहशत का माहौल
जाट समाज के दबंग लोगों द्वारा बाल्मीकि समाज के संजू की हत्या के बाद गांव में बाल्मीकि समाज के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। नाम नहीं छापने की शर्त पर लोगों ने बताया गांव के बाल्मीकि समाज के लोग अक्षर दबंगों की दबंगई के शिकार होते रहे हैं। जिसके चलते राजपुर में तिलोरा गांव के करीब दो दर्जन बाल्मीकि समाज के लोग पहले ही सह परिवार इन गांव से पलायन कर चुके हैं। अब दोनों गांवों में मात्र 5-7 परिवार ही बचे हुए हैं। जो कभी भी गांव छोड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन के लिए तो गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है लेकिन बाद में वह भी हटा ली जाएगी। उन्होंने मांग की है कि आरोपितों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाए। और कड़ी पैरवी करके आरोपी तो को फांसी की सजा दिलाई जाए।

