- अलग तौल केंद्र की मांग को लेकर गाधी के किसानों का चौथे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना
- गन्ना विभाग भी नहीं कर पा रहा किसानों की समस्या का समाधान, सर्दी में भी अडिग हैं किसान
मुख्य संवाददाता |
बागपत: अलग तौल केंद्र की मांग को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर गाधी गांव के किसानों का चौथे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। किसान सर्दी में भी धरने पर डटे हुए हैं। गन्ना विभाग भी किसानों की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी लगातार वार्ता विफल हो रही है। किसान अलग तौल केंद्र की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, रालोद ने भी धरने को समर्थन दिया और अधिकारियों से किसानों की मांग पूरी करने की मांग रखी।
गाधी गांव में अलग गन्ना तौल केंद्र की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार से जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर रखा है। मंगलवार को चौथे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। किसान रात्रि में भी सर्दी में अपनी मांग पर अडिग हैं। सर्दी में भी उनके कदम पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन सिस्टम किसानों की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है।
किसानों को तमाम तर्क अधिकारियों की ओर से दिए जा रहे हैं, लेकिन किसानों की ओर से दिए जा रहे सुझावों को कोई भी मानने को तैयार नहीं है। रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों व गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता विफल हुई। सोमवार को सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह व डीएम शकुंतला गौतम के साथ वार्ता हुई थी, लेकिन यह भी सफल नहीं रही।
अधिकारी और सांसद भी किसानों की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने कहा था कि जब तक अलग तौल केंद्र नहीं दिया जाएगा वह धरना समाप्त नहीं करेंगे। गांव से होकर गन्ने के वाहन लेकर जाने पड़ते हैं, जिससे कभी भी तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। अधिकारी भी लगातार गांव जाकर मानमनोव्वल में लगे हुए हैं, लेकिन किसान मान नहीं रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक अलग तौल केंद्र नहीं मिलेगा तब तक धरना जारी रहेगा।
रालोद ने दिया समर्थन
रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी व जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचे और उनकी मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसान आज अपनी समस्याओं को लेकर धरने पर बैठने को मजबूर है। गांव में दो पक्षों में तनाव को दूर करने का प्रयास अधिकारियों को करना चाहिए।
अगर एक पक्ष अलग तौल केंद्र की मांग कर रहा है तो उसे पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रात्रि में भी सर्दी में किसान यहां बैठे हुए हैं, लेकिन अधिकारियों को इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की समस्याओं का जल्द ही समाधान नहीं किया तो जल्द ही आंदोलन किया जाएगा।
यह है मामला
गाधी गांव में तौल केंद्र को लेकर किसान धरने पर बैठे है। किसानों का कहना है कि गांव में ब्राह्मण व जाट समाज के बीच तनाव की स्थिति है। युवक की हत्या के बाद यह मामला हुआ था। ब्राह्मण समाज की ओर तौल केंद्र है। जिससे भविष्य में कभी भी विवाद बढ़ सकता है। किसानों ने दूसरे रास्तों पर तौल केंद्र लगवाने का सुझाव अधिकारियों को दिया है, जिसे अधिकारी नहीं मान रहे हैं।

