- कोल्ड स्टोर में नहीं मिल रही किसानों को आलू रखने की जगह
- कोल्ड स्टोर के बाहर खड़ी आलुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: आलू का बंपर उत्पादन होने के कारण इस बार आलू के किसानों की दुर्दशा देखने को मिल रही है। क्योंकि आलू को कोल्ड स्टोर में रखने के लिए सुविधा नहीं मिल रही है। आलुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली किसानों की कोल्ड स्टोर पर खड़ी है। आलू सड़ रहा है, लेकिन किसानों के आलू को रखने का कोई बंदोबस्त नहीं दिखाई दे रहा है।
अगर हम पूरे जनपद की बात करे तो आलू के लगभग 16 कोल्ड स्टोर है। लावड़ में दो कोल्ड स्टोर है। दौराला में एक कोल्ड स्टोर था, लेकिन कम्प्रेशर के फटने से यह कोल्ड स्टोर भी बंद हो गया है। इस कोल्ड स्टोर के बंद होने से अब क्षेत्र के आलू उत्पादक किसानों को और भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां के किसान खतौली के कोल्ड स्टोर पर आलू रख रहे हैं, लेकिन यहां का कोल्ड स्टोर फुल होने के कारण अब यहां भी किसानों को परेशानी होने लगी है।
आलू की खेती कर रहे धंजू गांव के रहने वाले किसान जतिन खरे का कहना है कि अगर छोटे-छोटे शीतगृह बन जाए तो किसान को इसका लाभ मिल सकता है। सरकार को आलू के किसानों को हित में देखते हुए स्टोरेज पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिससे किसानों की परेशानी दूर हो सके। आलू उत्पादक भोपाल सिंह का कहना है कि इस बार आलू की बुवाई ज्यादा होने के कारण आलू का उत्पादन बढ़ा है।

आलू क ा उत्पादन बढ़ गया, लेकिन आलू के दामों में कोई खास उछाल नहीं आया है। जिससे आलू किसान परेशान है। सरकार को आलू किसानों के लिए विशेष सुविधा देनी चाहिए। किसान महताब का कहना है कि छोटे शीत गृह बनने से किसानों को लाभ मिलेगा। बिजली का कनेक्शन आसानी से मिले।
बिजली का दाम कम हो जाए तो किसानों को इसका लाभ मिल सकता है।आलू किसान जावेद रुहासा का कहना है कि सरकार द्वारा किसानों को सब्सिडी मुहैया कराई जानी चाहिए। कृषि विभाग से एनओसी जल्दी मिलनी चाहिए। आलू किसान के छोटे शीतगृह के निर्माण में सहायता करनी चाहिए।
उसके बाद ही आलू का किसान सुखी रह पाएगा। इस समय आलू का दाम 200 रुपये से लेकर 250 रुपये तक 50 किलो है। जो कि अन्य वर्षो के मुकाबले कम है। इसलिए आलू को बाजार से बचाने के लिए शीतगृह में रखने के लिए उनका निर्माण किया जाना चाहिए। जिससे आलू के किसानों को सही समय पर सही दाम मिल सके।

