- 31 मार्च को सेवानिवृत हो रहे हैं डीजीपी डीएस चौहान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीएस चौहान 31 मार्च को रिटायर होने जा रहे हैं। इनको सेवा विस्तार मिलेगा कि नहीं, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन सूत्रों ने जानकारी दी है कि अगर सेवा विस्तार नहीं मिला तो डीजीपी एक अप्रैल को विदेश दौरे पर घूमने जा सकते हैं। दरअसल, सरकार के पास नये डीजीपी के लिये कई नाम हैं, लेकिन वरिष्ठता के हिसाब से जिन नामों की चर्चा है वो अगले दो महीने में रिटायर होने जा रहे हैं।
यूपी डीजीपी की रेस में 1988 बैच के आईपीएस अफसरों की फेहरिस्त लंबी है। 1988 बैच के पांच आईपीएस अफसर डीजीपी की रेस में बने हुए हैं। कार्यवाहक डीजीपी डीएस चौहान 31 मार्च को हो रहे सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान समय में महानिदेशक कारागार आनंद कुमार और डीजी सीबीसीआईडी विजय कुमार की दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत देखी जा रही है।
आनंद कुमार की दावेदारी पहले भी तगड़ी थी, लेकिन सरकार ने डीएस चौहान पर भरोसा जताया था। अब माना जा रहा है कि सबकुछ ठीकठाक रहा तो बहुत जल्द नये नाम की घोषणा हो सकती है। अधिक सेवाकाल के आधार पर आनंद कुमार और विजय कुमार की दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत मानी जा रही है। वहीं एक संभावना यह भी देखी जा रही है कि डीएस चौहान के स्थाई डीजीपी बनने पर उनको सेवा विस्तार मिल सकता है।
वहीं कार्मिक विभाग ने वरिष्ठतम आईपीएस अफसरों का पैनल भेजने की तैयारी कर ली है। इसमें 1988 बैच के आईपीएस अफसरों में डा. डीएस चौहान, डा. राजकुमार विश्वकर्मा, अनिल अग्रवाल, आनंद कुमार और विजय कुमार शामिल शामिल हैं, लेकिन अनिल अग्रवाल अप्रैल में और डा. राजकुमार विश्वकर्मा मई माह में सेवानिवृत्त हो रहे हैंं।
अगर अन्य अफसरों की बात की जाए तो डीजी नागरिक सुरक्षा मुकुल गोयल 1987 बैच के अकेले अफसर बचे हैं, लेकिन 11 मई 2022 को यूपी सरकार ने मुकुल गोयल को डीजीपी पद से हटा दिया गया था। वहीं सूत्रों ने बताया कि डीजी डीएस चौहान ने विदेश में घूमने के लिये सारी तैयारी कर ली है, अगर विस्तार मिल गया तो ठीक नहीं तो विदेश दौरा पक्का।

