Saturday, March 14, 2026
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शहर को जलभराव से बचाने का निगम का मास्टर प्लान तैयार

  • …क्या महानगर में जलभराव की समस्या से होगी नैय्या पार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर को गर्मी के मौसम में बरसात से पूर्व जलभराव से बचाने के लिये निगम के द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। जिसमें इस मास्टर प्लान पर तीन दिवस के भीतर इस पर सफाई परिवेक्षकों से 10 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट उपलब्ध होने के बाद निगम बडेÞ स्तर पर महानगर को बरसात के समय जलभराव की समस्या से बचाने को मास्टर प्लान तैयार किया है।

ताकि इस बार गर्मी के मौसम में बरसात से पूर्व नाली एवं नालों की साफ सफाई कराकर दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था सुचारू कराई जा सके। प्रभारी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सक एवं कल्याण विभाग नगर निगम ने बताया कि इस बार महानगर में बरसात के समय सड़कों पर जलभराव न हो और शहर को जलभराव की समस्या से बचाया जा सके, उसके लिये प्लान तैयार कर लिया गया है। एक सप्ताह के भीतर धरातल पर कार्य शुरू करा दिया जायेगा।

महानगर में 90 वार्ड हैं, जिसमें पर्याप्त मात्रा में सफाई कर्मचारी एवं समुचित संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी नगर निगम के द्वारा साफ-सफाई व्यवस्था एवं चोक नाली एवं नालों की साफ-सफाई व्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया जा सका है। बिन बरसात के भी कई जगह सड़कों पर नाले एवं नाली चोक होने की समस्या के चलते जलभराव की समस्या बन जाती है। सवाल उठता है कि बिन बरसात के कई जगहों पर जलभराव की समस्या बन जाती है तो बरसात में क्या हाल होगा।

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हाल ही में बिन मौसम की जो बरसात हुई उसने निगम के तमाम उन दावों की पोल खोलकर के रख दी थी। जिसमें उसके द्वारा बार-बार कहा जा रहा था कि चोक नाली एवं नालों की समस्या कहीं नहीं है। सभी नाली एवं नालों की समय-समय पर साफ सफाई कराई जा रही है, लेकिन बारिश के दौरान बागपत रोड हो या फिर घंटाघर, माधवपुरम हो या फिर हापुड़ अड्डा रोड वाली सड़क, लिसाड़ी एवं बुढ़ाना गेट समेत कई जगहों पर जलभराव की समस्या से लोग हल्की सी बारिश के बाद जलभराव की समस्या से परेशान हो जाते हैं।

नगर निगम के द्वारा शहर को जलभराव से बचाने के लिये जो मास्टर प्लान तैयार किया है। उसमें मुख्य रूप से 10 बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश सफाई परिवेक्षकों को दिये हैं, ताकि बरसात से पूर्व इस मास्टर प्लान पर वर्क किया जा सके। महानगर के 90 वार्डों के सफाई परिवेक्षकों से जो मास्टर प्लान पर रिपोर्ट मांगी है। उसमें प्रत्येक वार्ड में कितने नाले हैं और कहां से कहां तक बने हैं। नाले की लंबाई एवं चौड़ाई एवं गहराई। नाले की साफ सफाई पूर्व में कब से कब तक हुई। जो नाला सफाई के लिये मशीन चालक वार्ड में लगा होता है।

उसका नाम, संबंधित सफाई नायक का नाम, संबंधित सफाई एवं खाद्य निरीक्षक का नाम, संबंधित डिपो का नाम जिस डिपो की मशीन नाला एवं नाला साफ-सफाई के लिये लगी होती है। छह अप्रैल 2023 को नगर निगम के प्रभारी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सक एवं कल्याण विभाग अधिकारी डा. हरपाल सिंह ने समस्त प्रभारी वाहन डिपो एवं समस्त सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है, ताकि इस मास्टर प्लान पर गर्मी के मौसम में बरसात से पूर्व सफलतापूर्वक कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जा सके।

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