Friday, March 13, 2026
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एक लाख दे दो, कर देंगे बिल दुरुस्त

  • ऊर्जा निगम में भ्रष्टाचार का बिल: स्वतंत्रता सेनानी पुत्र से मांगी एक लाख की घूस
  • ‘आडियो टैप’ और वीडियो खोल रहे भ्रष्टाचार की कलई
  • तमाम सबूत ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर को सौंपे, जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तीन दिन पहले क्रांतिधरा पर आये थे। कमिश्नरी सभागार में पत्रकारों से बातचीत की तथा दावा किया था कि यूपी सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही हैं, मेरठ को भी भ्रष्टाचार से मुक्त किया जाएगा। डिप्टी सीएम के भ्रष्टाचार मुक्त करने के दावे को ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। भ्रष्ट कर्मचारी सरकार को बदनाम कर रहे हैं,

लेकिन भ्रष्टाचारी कर्मचारियों पर कार्रवाई भी नहीं हो पा रही हैं, जिसके चलते भ्रष्ट कर्मचारियों का दुस्साहस बढ़ रहा हैं। एक ऐसा ही मामला शहर का सामने आया हैं। भ्रष्टाचार की ‘आडियो टैप’ पीड़ित के पास हैं, जिसमें ऊर्जा निगम का एक क्लर्क बिजली का बिल कम करने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग कर रहा हैं।

बड़ा सवाल ये है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का जीरो टॉरलेंस कहां हैं? मुख्यमंत्री का भय भी इन कर्मचारियों में नहीं दिख रहा हैं। कुछ विभागों में जीरो टोलरेंस पर काम भी चल रहा है, लेकिन सरकारी विभागों में लंबे समय से एक ही सीट पर जमे क्लर्क अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। भ्रष्टाचार के जिस मामले की हम बात कर रहे हैं, वह ऊर्जा निगम से जुड़ा हुआ हैं।

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दरअसल, रिश्वत के नाम पर स्वतत्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्य का बिजली का बिल बढ़ाकर भेज दिया गया और जब उस बिल को सही कराने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रघुवर त्यागी के पुत्र सुनीत कुमार त्यागी और पोत्र ने प्रार्थना पत्र दिया तो एक्सईएन और एकाउंटेंट ने उनको चक्कर पर चक्कर कटवाने शुरू कर दिये। बिल को सही कराने के लिए पीड़ित बुजुर्ग सुनीत त्यागी छह माह से ऊर्जा निगम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन बिल को सही करने के नाम पर अर्बन डिवीजन के एकाउंटेंट निखिल अग्रवाल ने उनसे एक लाख रुपये की डिमांड कर दी।

नौ लाख रुपये के बिल को सही कराने में एडी चोटी का जोर लगा चुके सुनीत त्यागी के सब्र का बांध टूटा तो वो एक लाख रुपये लेकर एक्सईएन के आॅफिस पहुंच गए। उन्होंने कहा कि साहब एकाउंटेंट को पैसे दे दो और मेरा काम करा दो। इसको लेकर काफी बहस भी हुई, जिसकी वीडियों और रिश्वत मांगने को लेकर हुई बातचीत का ‘आॅडियो टैप’ भी सुनीत त्यागी के पास मौजूद हैं। जो भ्रष्टाचार की कलई खोलने के लिए काफी हैं, मगर ऊर्जा निगम के एक्सईएन अपने भ्रष्ट क्लर्क के खिलाफ एक बात सुनने को तैयार नहीं हैं।

यही नहीं, भ्रष्तम क्लर्क की पैरोकारी कर रहे हैं। बता दें कि उनका बिल नौ लाख रुपये से कम होकर दो लाख रुपये तो हो गया, लेकिन सुनीत त्यागी ने बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार की शिकायत आला अधिकारियों से की और उन्होंने सुबूत के तौर पर ‘आॅडियो टैप’ और वीडियों भी चीफ इंजीनियर अनुराग अग्रवाल को सौंप दी है और अपने बयान भी दर्ज करा दिए है। भ्रष्टाचार के इस मामले में चीफ इंजीनियर अनुराग अग्रवाल का कहना है कि आरोप काफी गंभीर है। लिहाजा इसमें दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई और रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर एकाउंटेंट निखिल अग्रवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए उर्जा विभाग को पत्र भेजा जाएगा।

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