- कमिश्नर की अध्यक्षता में चली बोर्ड बैठक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गुरुवार को कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे की अध्यक्षता में मेरठ विकास प्राधिकरण की 123 वीं बोर्ड बैठक हुई। इस बार बोर्ड बैठक में महत्वपूर्ण चार एजेंडे रखे गए थे, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण था महायोजना 2031 का प्रस्ताव। महायोजना 2031 की स्वीकृति के लिए बोर्ड बैठक में चर्चा हुई, लेकिन ग्लोबल समिट में शहर से 600 उद्यमियों ने उद्योग लगाने का प्रस्ताव शासन को दे रखा हैं।
मास्टर प्लान में एक ही जगह पर उद्योग लगाने के लिए कोई प्रस्ताव प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2031 में नहीं रखा गया था। इसी को लेकर बोर्ड बैठक में चर्चा की गई। कहा गया कि पहले 600 उद्यमियों द्वारा उद्योग कहां पर लगाया जाएगा, उसके लिए उचित स्थान कहां हो सकता हैं, उसका मास्टर प्लान 2031 में प्लान करके दिया जाए। अन्यथा इसको लेकर बड़ा ही होज-पोज स्थिति बाद में पैदा हो जाएगा।
कहीं भी उद्योग लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती हैं। प्राइवेट बिल्डरों द्वारा उद्योग के लिए चिन्हित की गई जमीन को भी कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे ने रिजेक्ट कर दिया तथा इसके लिए अलग से प्रस्ताव तैयार कर पूरा अध्ययन करने की बात कही, जिसके बाद ही मास्टर प्लान 2031 को लेकर फिर से रद्दोबदल की जाएगी। हालांकि मेडा के अधिकारियों ने पूरा प्लान तैयार कर फाइनल मुहर लगाने के लिए बोर्ड के समक्ष रखा था,

जिसे बोर्ड चेयरमैन सेल्वा कुमारी जे ने फिलहाल इसे पुन: औद्योगिक इंकाई स्थापित करने के लिए पूरा प्लान तैयार करने के लिए कहा गया हैं। ये प्लान कहां बनेगा? यह तो नहीं बताया गया, लेकिन तमाम उद्योगिक इंकाइयां एक ही स्थान पर बननी चाहिए। वर्तमान में 600 उद्यमियों ने शासन में अपने प्रस्ताव देकर औद्योगिक इंकाइयां लगाने के लिए आवेदन किये थे।
इन सभी को ध्यान में रखते हुए ही मास्टर प्लान 2031 तैयार किया जाएगा। इसी वजह से मास्टर प्लान को फाइनल नहीं किया गया। आउट सोर्सिंग पर कर्मचारी रखने का भी प्रस्ताव था, जिस पर चर्चा नहीं की गई। कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे के अलावा डीएम दीपक मीणा, प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, सचिव चन्द्रपाल तिवारी समेत आदि अधिकारी मौजूद रहे।

