- भीड़ सड़क तक आने से अफसरों के हाथ-पांव फूले, एसएसपी ने खुद नमाजियों को सड़क से हटाया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ईद-उल-फितर की नमाज शाही ईदगाह में हजारों नमाजियों ने परम्परागत तरीके से अदा की। ईदगाह के अन्दर जगह भर जाने के कारण हजारों लोगों ने मुख्य दिल्ली मार्ग पर नमाज अदा की। हालांकि प्रशासन ने पहले ही इस बात के लिए हिदायत दी थी कि नमाज ईदगाह और मस्जिद परिसरों के अंदर ही अदा की जाए।
शनिवार को शाही ईदगाह में नमाज का समय सुबह पौने आठ बजे रखा गया था। सात बजकर 20 मिनट तक ईदगाह परिसर नमाजियों से खचाखच भर गया। इसके बाद जैसे जैसे नमाजी सड़कों पर आते रहे तो अधिकारियों की धड़कनें बढ़ती गर्इं। नमाजियो की भारी भीड़ को देखते हुए शुरू में तो एसएसपी ने नमाजियो को खुद मुख्य मार्ग से हटाकर अंदर भेजा लेकिन जिस समय नमाज शुरू होने में पांच मिनट बाकी थे

तब हजारों की भीड़ मुख्य दिल्ली मार्ग पर अपने मुसल्ले बिछाकर बैठ गए। नमाजियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी बैक फुट पर आ गया। इसके बाद कई हजार लोगों ने शाही ईदगाह के बाहर दिल्ली रोड पर ईद की नमाज अदा की। दिल्ली रोड पर नमाज के समय प्रशासन ने ड्रोन से भी वीडियोग्राफी करवाई। सुबह ठीक पौने आठ बजे नमाज शुरु हो गई।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के इंतेजाम
शाही ईदगाह के बाहर चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतेजाम थे। जिलाधिकारी दीपक मीणा व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण सहित एसपी सिटी, कई सीओ कई थानों के इंस्पेक्टर, एलआईयू के अधिकारी, रैपिड एक्शन फोर्स व पैरा मिलिट्री फोर्स की मौजूदगी में ईद की दो रकआत नमाज अदा की गई। नमाज शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन ने अदा कराई।
दुनिया की ‘नुमाइंदगी’ भारत के हाथ, बस यही है ख्वाब: शहर काजी
एक सपना मुल्क को फिरंगी बेड़ियों से आजाद कराने का उन उलेमाओं ने देखा था जिन्होंने जंग-ए-आजादी के समय अपनी जानों की परवाह किए बिना मुल्क को आजाद कराया। सैकड़ों उलेमाओं ने जाम-ए-शहादत पिया लेकिन हिन्दुस्तान को आजाद करा गए। अब हमारा बस यही सपना है कि भारत दुनिया की नुमाइंदगी (नेतृत्व) करे।

यह मार्मिक शब्द शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन के हैं। उन्होंने शाही ईदगाह में ईद की नमाज से पूर्व व बाद में दिए गए अपने भाषण में विभिन्न पहलुओं को छुआ। उन्होंने ईदगाह में नमाज की अदायगी पर भी टिप्पणी की। कहा कि ईद की नमाज की अदायगी ईदगाह का पहला हक है, क्योंकि नबी ने अपनी पूरी जिन्दगी में ईद की नमाज काबा को छोड़ ईदगाह में ही अदा की।
शहर काजी ने कहा कि भारत एक ऐसा मुल्क बने जिसमें खुशियां ही खुश्यिां अपार हों और सबका विकास हो। भारत के हाथों में दुनिया की लीडरशिप हो यही ख्वाहिश है। अपने संदेश के बाद शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन ने सार्वजनिक दुआ के दौरान भी देश की खुशहाली और तरक्की की बात कही। उन्होंने नम आंखों से खुदा की बारगाह में माफी तलब की और कहा कि मुल्क की तरक्की में हर किसी को अपना योगदान देना चाहिए।
शाही ईदगाह के खतीब कारी शफीकुर्रहमान कासमी के तेवर इस बार नरम दिखे। उन्होंने मुसलमानों को आह्वान किया कि वो हर स्तर पर अपने जज्बातों पर काबू रखना सीखें। बताते चलें कि कारी शफीक का जब भाषण शुरु होता है तो अक्सर एलआईयू के कान खड़े हो जाते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वो अपने अखलाक (व्यवहार) दुरूस्त करें। इस दौरान कारी हस्सान कासमी ने तालीम पर जोर देते हुए कहा कि मॉर्डन ऐजूकेशन व दीनी तालीम दोनों हासिल करनी चाहिएं।
हजारों शिया मुसलमानों ने अदा की ईद की नमाज
हजारों शिया मुसलमानों ने भी ईद उल फितर की नमाज अदा की। रेलवे रोड स्थित वक्फ मनसबिया (बड़ी करबला) में इमाम ए जुमा मौलाना महजर आब्दी ने ईद की नमाज अदा कराई। नमाजियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो इबादत दुनियावी शोहरत पाने के लिए की जाती है, खुदा की निगाह में उसकी कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जरूरतमंदों की खामोशी के साथ मदद करें।
इस मौके पर अली मिशन सोसायटी के संयोजक अली हैदर रिजवी, हाजी खुर्शीद जैदी, हाजी अली जैदी, हैदर अली ताजपुरी, हाजी शमशाद अली जैदी और हैदर अब्बास रिजवी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसके अलावा जैदी फॉर्म स्थित मस्जिद दरबार-ए-हुसैनी में मौलाना अमीर आलम, लोहिया नगर स्थित मस्जिद अबु तालिब में मौलाना अल्ताफ हुसैन, शाही मस्जिद जहीदियान में मौलाना जिया नकवी और मस्जिद अल मुर्तजा में मौलाना वसीम अब्बास ने ईद-उल-फितर की नमाज अदा कराई।
पुलिस ने ईदगाह परिसर से उतरवाए लाउडस्पीकर
शाही ईदगाह में ईद की नमाज वैसे तो शांतिपूर्ण ढंग से अदा हो गई, लेकिन पुलिस द्वारा अचानक ईदगाह परिसर से लाउडस्पीकर उतरवाने के चलते माहोल गर्म हो गया। ईदगाह कमेटी ने रेलवे रोड पुलिस के रवैये पर रोष जताया और एसपी सिटी से शिकायत की। बाद में एसपी सिटी ने खुद हस्तक्षेप कर माहौल को सामान्य बनाया। ईदगाह कमेटी के अनस सब्जवारी ने बताया कि हर साल की भांति इस साल भी कमेटी ने नमाजियोें की सहुलियत के लिए ईदगाह परिसर व कब्रिस्तान में लाउडस्पीकर लगवाए थे और इन लाउडस्पीकर का रूख सड़क की ओर था।
अनस सब्जवारी ने बताया कि देर रात इंस्पेक्टर रेलवे रोड ईदगाह परिसर पहुंचे और लाउडस्पीकर के रूख पर आपत्ति जताई और इन्हें उतरवाने के निर्देश दिए। इस पर ईदगाह कमेटी ने रोष व्यक्त किया। कमेटी के लोगों ने इंस्पेक्टर को काफी दलीलें दी लेकिन पुलिस उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं हुई। इसके बाद ईदगाह कमेटी के लोगों ने एसपी सिटी से सम्पर्क किया और उनके सामने सारा मामला रखा।

बाद में एसपी सिटी के हस्तक्षेप के बाद ईदगाह कमेटी को लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत प्रदान कर दी गई। पहले लाउडस्पीकर दिल्ली रोड पर भी लगाए जाते थे ताकि नमाजियों को नमाज अदा करने मे कोई दिक्कत न आए, लेकिन इस बार लाउडस्पीकर न होने से लोगों ने तकबीरों का सहारा लिया और नमाज अदा की।
शहर काजी के घर पहुंचे डीएम और एसएसपी
जिलाधिकारी दीपक मीणा व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण शुक्रवार को ईद की नमाज के बाद शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन के गुदड़ी बाजार स्थित आवास पर पहुंचे और उन्हें ईद की मुबारकबाद पेश की। गौरतलब है कि ईद के दिन डीएम व एसएसपी के शहर काजी के आवास पर जाकर ईद की बधाई देने की परम्परा कई वर्ष पुरानी है।
इस दौरान अधिकारियों ने शहर काजी को ईद की मुबारकबाद पेश की। इस दौरान एसपी सिटी भी मौजूद रहे। शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन ने अपने आवास पर अधिकारियों की अगवानी की। उन्होंने कहा कि यह एक स्वस्थ परम्परा है जिससे दिलों की मोहब्बत बढ़ती है।

