
गैंगस्टर एवं नेता ब्रदर्स अतीक व अशरफ अहमद की इलाहाबाद के एक अस्पताल परिसर में गत 15 अप्रैल की रात पुलिस हिरासत में मीडिया से बातचीत के दौरान तीन हमलावरों ने नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद उनके महिमामण्डन की कई खबरें सामने आई हैं। अतीक-अशरफ की हत्या जिन परिस्थितियों में की गई, उसकी आलोचना सर्वत्र की जा रही है। दोनों भाइयों की हत्या तथा इससे दो दिन पहले ही अतीक के एक बेटे असद की पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ के बाद जिस तरह कुछ खबरें इन गैंगस्टर्स के महिमामंडन को लेकर सुनाई दीं वह चौंकाने वाली थीं। खासतौर पर धर्म के आधार पर अपराधियों का महिमामंडन किया जाना तो किसी भी कमत पर मुनासिब नहीं कहा जा सकता।