- पुलिस ने कसी कमर, पूरे रेंज में बवालियों को किया जा रहा चिन्हित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने के लिये पुलिस ने कमर कस ली है। पूरे रेंज में बवाली लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। हर थानेदार को संदिग्ध और बवाली लोगों की लिस्ट बनाने को कहा गया है। पुलिस ने अकेले मेरठ में 11570 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है। अगर पूरे रेंज की बात करें तो 50 हजार से अधिक लोगों का शांतिभंग में चालान हो चुका है।
मेरठ, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ जिले में पुलिस ने 15 दिन तक तूफानी गति से अभियान चलाया था। हर थानेदार को टारगेट दिया गया था कि क्षेत्र के बदमाशों, बवाल करने वालों को पाबंद किया जाए। आईजी रेंज से जुड़े जिलों में 50500 लोगों का शांतिभंग में चालान किया जा चुका है। इनमें बुलंदशहर जिले के सबसे अधिक 24097 लोग शामिल हैं। मेरठ में 11570, बागपत में 9073 और हापुड़ के 3049 लोग हैं।

इन लोगों का पुराना रिकॉर्ड देखकर कार्रवाई की गई है। इनमें वो लोग भी शामिल हैं जो हाल में जेल से छूट कर आए हैं और उनके आने से बवाल होने की संभावना हे। यदि उनके एरिया में कोई भी घटना होती है तो सबसे पहले उन लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। मेरठ में 70 मोस्ट वांटेड, बागपत में 45, बुलंदशहर में 32 और हापुड़ जिले में 14 मोस्ट वांटेड फरार चल रहे हैं।
सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव को हर हाल में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए। अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। कोई असामाजिक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करता है या फिर अवैध धंधा कर रहा है तो इसकी जानकारी पुलिस को दें ताकि उस सख्त कार्रवाई हो सके। -नचिकेता झा, आईजी मेरठ रेंज
निकाय चुनाव में उड़ रही आदर्श आचार संहिता की धज्जियां
नगर निकाय चुनाव के दौरान इस बार आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन होता देखा जा सकता है। कुछ प्रत्यासियों के द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान होर्डिंग एवं पोस्टर आदि सरकारी भवनों की दीवारों पर चस्पा करा दिये हैं। तो वहीं सड़कों के किनारे खडेÞ विद्युत पोलों पर भी होर्डिंग बैनर लटका दिये गये हैं। जबकि चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी संपत्ति पर चुनाव प्रचार सामग्री को लगाना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।
इस बार चुनाव के दौरान मेयर पद प्रत्याशी हो या फिर वार्ड पार्षद प्रत्याशी कुछ को छोड़ दिया जाये तो अधिकतर प्रत्याशियों के द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है। जिस पर चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी मामले में फिलहाल कुछ कार्रवाई करते दिखाई नहीं दे रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ दिनभर चुनाव कार्यालय में पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के आने जाने का सिलसिला चलता रहता है तो
दिन में तो वह चुनाव कार्यालय ही लगते हैं, लेकिन शाम होते ही चुनाव कार्यालयों में दावतों का दौर शुरू हो जाता है। जिसमें प्रत्याशी के समर्थक अपनी-अपनी पसंद की दावत चुनाव कार्यालय में बैठकर उड़ाते हैं। कई बार तो दावत के दौरान जूतम-पैजार तक की नौबत समर्थकों के बीच जा जाती है। हाल ही में एक दो चुनाव कार्यालय पर बिरयानी के बैग की छीना झपटी के मामले तक सामने आ चुके हैं।
एक दो मामलों को छोड़ दिया जाये तो अधिकतर मामलों में निर्वाचन ड्यूटी में आदर्श आचार संहिता का पालन कराने में जिन मजिस्ट्रेट एवं अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। वह अपनी ड्यूटी के दौरान आचार संहिता का पालन सही तरह से कराते नहीं दिखाई दे रहे हैं।
सभासद प्रत्याशी सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज
कस्बे में नगर निकाय चुनाव के चलते अध्यक्ष व सभासद पद के प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। हर प्रतियासी अपने अपने वोटरो को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हतकंडे अपना रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर पंचायत लावड़ के वार्ड-2 से सभासद पद की उम्मीदवार राजेश पत्नी मनोज के समर्थन में उनके बेटे महेश पुत्र मनोज व रिक्शा चालक संदीप पुत्र धर्मवीर ये दोनों रिक्शा में मिठाई के डब्बे के साथ प्रचार सामग्री घर घर जाकर बांट रहे थे। सूचना पर लावड़ चौकी इंचार्ज रविंद्र मलिक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और मिठाई बांट रहे दोनों युवकों व रिक्शा को चौकी ले आए, पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों सहित राजेश पत्नी मनोज के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का मुकदमा पंजीकृत किया।

