- हर साल बड़ी मात्रा में पकड़ा जाता है नकली मावा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दीपावली के नजदीक आते ही नकली मावा और मिठाइयां बड़ी मात्रा में हर साल पकड़ी जाती हैं। ऐसे में सिंथेटिक मावे से बचने के लिए लोगों ने मिठाइयों से किनारा करना शुरू कर दिया है। बाजारों में रेवड़ी और गजक की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। दीपावली पर मिठाइयों का अपना अलग महत्व होता है।
वहीं, कई दिनों पहले ही मिठाई की दुकानें सजना शुरू हो जाती हैं, लेकिन बाजार में त्योहारों के मौके पर सिंथेटिक मावा और नकली मिठाइयां भी बेची जाती हैं। हर साल की बड़ी मात्रा में नकली मावा पकड़ा जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य की ओर यान देते हुए लोगों ने नकली मावे और मिठाइयों से किनारा करना शुरू कर दिया है और रेवड़ी गजक व पेठा लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं। वहीं, संक्रमण को देखते हुए भी गिफ्ट पैक्स खरीदे जा रहे हैं।
बाजारों में स्पेशल गिफ्ट पैक भी मौजूद
दीवाली के मौके पर बाजारों में विशेष गिफ्ट पैक की भी काफी डिमांड है। जिनमें चोकलेट, सोनपापड़ी, ड्राई फ्रूट, रेवड़ी, गजक और पेठे की काफी डिमांड है। वहीं, दूसरी ओर कोल्ड ड्रिंक और बास्केट भी बाजारों में मौजूद हैं। कुशान गोयल, रामचंद्र सहाय रेवड़ी का कहना है कि रेवड़ी और गजक में किसी तरह को कोई मिलावट नहीं होती। शुद्ध गुड़ से ही ये तैयार की जाती है। संक्रमण के समय में गुड़ सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है।

