जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद गृहमंत्री ने चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सीएम भूपेंद्र पटेल और चक्रवात से प्रभावित होने वाले आठ जिलों के सांसद मौजूद रहे।
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने गुजरात के तट से टकराने से पहले ही खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। इस चक्रवात की वजह से गुजरात के तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि लोगों को इन क्षेत्रों से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी जारी है।
#WATCH | Union Home Minister Amit Shah chairs a review meeting on the preparedness for cyclone 'Biparjoy' pic.twitter.com/Pe4YqyCSdX
— ANI (@ANI) June 13, 2023
आसपास के इलाकों में भी तेज हवाओं की वजह से पेड़ उखड़ कर गिर गए। दूसरी तरफ समुद्र में नावों को रोकने के लिए कोस्ट गार्ड ने भी गश्ती शुरू कर दी है। एनडीआरएफ की सात टीमों को गुजरात में तैनात किया गया है।
मौसम विभाग के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय मोहपात्रा ने मंगलवार को कहा कि बिपरजॉय की वजह से पोरबंदर, देवभूमि द्वारका और कच्छ में हवाओं की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। यहां कल तक हवाओं की रफ्तार 65 से 75 किमी तक पहुंच सकती है।
भुज पश्चिम के एसपी डॉ. करणराज वाघेला ने बताया कि स्थानीय प्रशासन का लक्ष्य निचले इलाकों, कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को स्थानांतरित करना है। शरणस्थलों पर खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। 2 हजार से ज्यादा पुलिस के जवान व 1400 से ज्यादा होमगार्ड तैनात किए गए हैं। हमने सभी बीच को बंद कर दिया है।
चक्रवात बिपरजॉय पर NDRF DIG मोहसिन शाहिदी ने बताया कि जिन इलाकों में ज्यादा क्षति होने की आशंका है, वहां से लोगों को हटाया जा रहा है, अब तक 28 हजार लोगों को हटाया जा चुका है।
हमने NDRF की 17 और SDRF की 13 टीमें तैनात की है। इसके अलावा हमने और 15 टीमों को आरक्षित रखा है। कच्छ, पोरबंदर, द्वारका, राजकोट, जुनागढ़ व मोरबी में हमारी टीमें तैनात हैं।
#WATCH | Tidal waves lash Gomti Ghat of Dwarka while the sea remains turbulent under the influence of cyclonic storm 'Biparjoy'.#Gujarat pic.twitter.com/FNpVq5imQI
— ANI (@ANI) June 13, 2023
14 और 15 तारीख को भारी बारिश होगी
चक्रवात बिपरजॉय पर डॉ मृत्युंजय महापात्र (महानिदेशक, IMD) ने बताया कि 15 जून की शाम के आसपास यह चक्रवात सौराष्ट्र, कच्छ और पाकिस्तान के तटीय इलाके को पार करेगा। इस समय इसकी रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटा रहेगी, इसका प्रभाव पड़ सकता है। 14 और 15 जून को भारी बारिश होगी।
21,000 लोगों को अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित किया गया
राज्य राहत आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि अब तक जिला प्रशासन ने लगभग 21,000 लोगों को अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित कर दिया है। निकासी प्रक्रिया अभी भी जारी है और सभी प्रभावित आबादी को आज शाम तक सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
उन्होंने गांधीनगर में कहा कि 21,000 लोगों में से अकेले कच्छ जिले से करीब 6,500, देवभूमि द्वारका से 5,000, राजकोट से 4,000, मोरबी से 2,000, जामनगर से 1,500 से अधिक, पोरबंदर से 550 और जूनागढ़ जिले से 500 लोगों को निकाला गया।
69 ट्रेनों को किया गया रद्द
69 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। 32 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है, जबकि 26 ट्रेनों को यात्रियों की सुरक्षा और चक्रवात बिपरजोय की शुरुआत के संबंध में ट्रेन संचालन के मद्देनजर एहतियाती उपाय के रूप में शॉर्ट-ऑरजिनेट किया जाएगा।
CPRO पश्चिम रेलवे सुमित ठाकुर ने बताया कि चक्रवात बिपरजॉय के मद्देनजर हमने वॉर रूम बनाए हैं, हम इस पर निगरानी रख रहे हैं। हमारे लगभग 2500 कार्य बल, RPF के जवान मौके पर तैनात हैं। वीरमगाम, राजकोट, ओखा आदि जो सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाके हैं, वहां हमने माल गाड़ी को भी रद्द किया है।
तीन से छह मीटर ऊंची उठ सकती हैं ज्वारीय लहरें: मौसम विभाग
आईएमडी के महानिदेशक महापात्रा ने कहा, ‘‘आमतौर पर गुजरात के इन इलाकों में इतनी अधिक बारिश नहीं होती। इसलिए इससे निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है।’’ आईएमडी के अनुसार, पोरबंदर, राजकोट, मोरबी और जूनागढ़ में भारी से अधिक भारी बारिश होने के आसार हैं।
इन जिलों में 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। महापात्र ने कहा, ‘‘ सौराष्ट्र, कच्छ के निचले तटवर्ती इलाकों में तीन से छह मीटर ऊंची ज्वारीय लहरें आ सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए कदम उठाने और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया है।’’
आईएमडी के अनुसार, गुजरात में कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर जिलों में 15 जून को 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है। महापात्रा ने कहा, ‘‘ आमतौर पर इन इलाकों में इतनी अधिक बारिश नहीं होती। इसलिए इससे निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है।’’
मोहपात्रा ने बताया कि 15 जून को चक्रवात के टकराने के बाद द्वारका, जामनगर, कच्छ और मोरबी जिले में हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रतिघंटे तक पहुंच जाएंगी। हवाओं की अधिकतम स्पीड 150 किमी प्रतिघंटे तक जा सकती है। इन हवाओं में काफी नुकसान पहुंचाने की क्षमता है।
गुजरात: द्वारका के गोमती घाट दिखने लगा तूफान का असर
द्वारका के गोमती घाट पर चक्रवात ‘बिपरजॉय’ का प्रभाव देखने को मिल रहा है। ज्वार की लहरें समुद्र में ऊंची उठ रही हैं। कांडला पोर्ट पर चक्रवाती तूफान को लेकर तैयारियां की गई हैं।
कांडला पोर्ट पहुंचे मनसुख मांडविया
#WATCH | Union minister Dr Mansukh Mandaviya visits Bhuj Military Station to review preparedness as cyclone 'Biparjoy' is expected to cross near Gujarat's Jakhau Port by the evening of 15th June pic.twitter.com/EdsoB6CZm7
— ANI (@ANI) June 13, 2023

