Thursday, March 26, 2026
- Advertisement -

स्मिथ-वार्नर की मौजूदगी चुनौतीपूर्ण 

  • चेतेश्वर पुजारा बोले : जीत आसानी से नहीं मिलती

 नई दिल्ली, भाषा: डेविड वार्नर और स्टीव स्मिथ की मौजूदगी आॅस्ट्रेलियाई टीम को मजबूत बनाती है लेकिन चेतेश्वर पुजारा को भारत के ‘बेहतरीन’ गेंदबाजों पर पूरा भरोसा है कि वे 2018-19 में टेस्ट सीरीज में मिली सफलता को फिर से दोहरा सकेंगे।

उस सीरीज में पुजारा ने तीन शतकीय पारियों की मदद से 500 से ज्यादा रन बनाए थे जिससे भारतीय टीम पहली बार आॅस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट सीरीज को 2-1 से जीतने में सफल रही थी। उस सीरीज में हालांकि स्मिथ और वार्नर आॅस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं थे। दोनों गेंद से छेड़छाड़ के कारण निलंबित थे। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले भारत के इस भरोसेमंद बल्लेबाज ने कहा कि यह (आॅस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम) 2018-19 सत्र के मुकाबले थोड़ा मजबूत होगा लेकिन फिर भी जीत आसानी से नहीं मिलती। पुजारा का मानना है कि भारत के तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी की तिकड़ी 2018-19 की सफलता को फिर से दोहरा सकती है, जिससे घरेलू बल्लेबाजी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज17 दिसंबर से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि स्मिथ, वार्नर और मार्नस लाबुशेन शानदार खिलाड़ी हैं। लेकिन हमारे मौजूदा गेंदबाजों के बारे में अच्छी बात यह है कि उनमें से अधिकांश पिछली सीरीज में खेले थे और इस बार भी वह उससे अलग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि आॅस्ट्रेलिया में कैसे सफल होना है क्योंकि उन्होंने अतीत में वहां सफलता का स्वाद चखा है। उनके पास अपने खेल के लिए योजनाएं हैं और अगर हम उसे अच्छी तरह मैदान पर उतरते हैं तो वे स्मिथ, वार्नर और लाबुशेन को जल्दी आउट करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि अगर हम फिर से उस सफलता को दोहरा सके तो हमारे पास टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज करने का मौका होगा। टेस्ट सीरीज का पहला मैच दिन-रात्रि का होगा जो एडीलेड में खेला जाएगा और 77 टेस्ट मैचों में 18 शतक के साथ 5840 रन बनाने वाले इस अनुभवी बल्लेबाज को भी शाम (गोधूलि) के समय खेलने की चुनौती का सामना करना होगा। भारतीय टीम के पास बांग्लादेश के खिलाफ दिन-रात्रि टेस्ट में खेलने का अनुभव है। उन्होंने कहा कि यह एक अलग चुनौती होगी क्योंकि यहां गुलाबी गेंद के साथ अलग तरह की गति और उछाल होगी। हम आॅस्ट्रेलिया में गुलाबी कूकाबूरा से खेलेंगे (बांग्लादेश के खिलाफ, यह गुलाबी एसजी गेंद थी)। यह थोड़ा अलग होगा। उनका मानना है कि विदेश में भारतीय टीम के पहले दिन-रात्रि मैच में खेलने की चुनौती का सामना सामूहिक तौर पर करना होगा। पुजारा ने कहा कि एक टीम के रूप में और एक खिलाड़ी के रूप में गुलाबी गेंद और रोशनी का अभ्यस्त होना पड़ेगा। यह थोड़ा अलग होगा। गोधूलि का समय अधिक चुनौतीपूर्ण है लेकिन जैसा कि आप जानते है कि अधिक अभ्यास से आपको इसकी आदत हो जाएगी। इसमें थोड़ा समय लगता है। इस 32 साल के खिलाड़ी को उम्मीद है कि आॅस्ट्रेलिया में उनकी टीम इतिहास दोहराने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि आप अपने दम पर मैच नहीं जीत सकते। हां, आप असाधारण प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन आपको जीतने के लिए अन्य खिलाड़ियों के समर्थन की आवश्यकता होती है। यहां तक कि पिछली सीरीज के दौरान भी गेंदबाजी इकाई उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि टेस्ट जीतने के लिए आपको 20 विकेट लेने होते है और पिछली सीरीज में भी सिर्फ मेरा प्रदर्शन नहीं था, दूसरे बल्लेबाजों ने भी मेरा साथ दिया था। यह टीम की सफलता थी। जब टीम सफल होती है तो वह गर्व का क्षण होता है। पुजारा ने इस चुनौतीपूर्ण सीरीज के लिए राजकोट स्थित अपनी अकादमी में पिता एवं कोच की देख-रेख में अभ्यास किया है। उन्होंने कहा कि जहां तक मेरा सवाल है, मैं खुश हूं कि मैं अभ्यास के साथ फिटनेस, दौड़ सत्र में भाग ले सका।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

पहली अप्रैल का पुरस्कार

वे सीधे-सादे थे और अक्ल के कच्चे थे। सदैव...

टीबी उन्मूलन में भारत की उल्लेखनीय प्रगति

हाल ही में जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की...

गैस संकट पर न हो राजनीति

खाड़ी देशों में चल रहे तनाव का असर अब...

Scam: ईरान युद्ध के नाम पर चंदा ठगी, आईबी ने जारी किया अलर्ट

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय की चेतावनी...
spot_imgspot_img