Friday, March 13, 2026
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रहिए संभलकर! शहर में बढ़ रहा साइबर क्राइम का आंकड़ा

  • छह माह में साइबर क्रिमिनल्स ने 1300 लोगों को बनाया शिकार
  • 1200 शिकायतों का हुआ निस्तारण, छह माह में 60 लाख रुपये लोगों के वापस करवाये

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भारत में जैसे-जैसे मोबाइल यूजर्स बढ़े वैसे ही साइबर अपराधी भी सक्रिय होते चले गए। चूंकि भारत वर्तमान में अरवों की जनसंख्या वाला देश बन चुका है। उस लिहाज से मोबाइल यूजर्स भी करोड़ों में बढ़ गए। लेकिन आपराधिक प्रवत्ति के लोगों ने साइबर अपराध का सहारा लेकर मोबाइल यूजर्स को टारगेट कर फर्जी एप, वेबसाइट, फर्जी सर्विस वेबसाइट,टोल फ्री नंबर सहित विभिन्न तरीके अपनाकर रोज लोगों को चूना लगाकर उनके एकांउट से धनराशि निकालने में जुट गए। वहीं जिले में भी लोग रोज इसी साइबर क्राइम के जाल में फंसकर अपना रुपया गंवा रहे हैं।

अकेले जिले में ही नहीं पूरे भारत में साइबर क्रिमिनल्स ने अपना जाल फैलाया हुआ है। जिले की बात करें तो प्रतिदिन के हिसाब से 200 से लेकर 250 की संख्या में मोबाइल यूजर्स साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। मोबाइल यूजर्स को साइबर अपराधी फर्जी एप्स से लोन देने, सामान ढोने वाली सर्विस कंपनी, फर्जी वेबसाइट के जरिए धोखे से उनके एकाउंटस को खाली कर रोज लाखों रुपये का चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

हकीकत यह है कि मोबाइल यूजर्स को ये अपराधी अपनी बातों में फंसाकर उन्हें सगे संबंधियों का नाम बताकर या उनके माता पिता का नाम और उनका भी नाम बताकर उन्हें इस तरह से अपने जाल में फंसाते हैं कि वह उन पर विश्वास कर अपनी गोपनीय जानकारी या बैंक एकाउंट से खुद ही रुपया साइबर अपराधी के एकाउंट में ट्रांसफर कर देता है। लेकिन चंद मिनटों बाद सच्चाई उसके सामने आती है तो वह खुद का ठगा महसूस करता है।

साइबर सैल में जनवरी से जून माह तक की बात करें तो साइबर ठगों ने तकरीबन 1300 लोगों को अपना शिकार बनाया और उनके खातों से लाखों की धनराशि उड़ा ली। हालांकि साइबर सैल ने कुल 1200 शिकायतों का निस्तारण कर ठगी का शिकार हुए लोगों को लगभग 60 लाख रुपये तक उनके खातों में वापस करवाये। लेकिन फिर भी साइबर क्राइम रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

वर्तमान में भी रोज 5 से 10 मोबाइल यूर्जस इन्हीं साइबर क्रिमिन्लस के झांसे में आकर अपना रुपया गंवाने में लगे हैं। गूगल पर चलने वाले तमाम फर्जी लोन एप्स व वेबसाइट पर कुछ हद तक विराम लगाने के लिए यूपी पुलिस मुख्यालय लखनऊ में पांच जनवरी को पहली बार एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। जिसमें यूपी के 75 जिलों से पुलिस साइबर सैल के नोडल अधिकारियों ने कार्यशाला में शिरकत की थी।

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इनके अलावा राष्टÑीय स्तर के गूगल के उत्तरी भारत नोडल प्रदीप कुमार, पूर्वी भारत के अभिषेक कुमार, गूगल के राष्टÑीय हैड राहुल धीमन सहित, राष्टÑीय स्तर के साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन अमित दूबे ने भाग लिया था। मेरठ जिले के नोडल अधिकारी आरपी शाही व साइबर प्रभारी सुबोध सक्सैना बैठक में शामिल हुए थे। तमाम अफसरों के बीच फर्जी एप लोन और वेबसाइट पर विस्तृत रुप से चर्चा भी हुई थी।

अंतरिम रुप से निर्णय हुआ कि गूगल पर चलने वाले सभी फर्जी एप वेबसाइट को बंद कराया जाये। ताकि साइबर अपराध पर काफी हद तक रोकथाम हो सके। जिससे लोग ठगी का शिकार न होने पाये। इसके लिए गूगल नोडल अधिकारियों ने गूगल को मेल कर इन पर विराम लगाने की अपील की थी।

  • केस-1

परतापुर निवासी ए्रक युवती 18 जुलाई को साइबर सैल के आॅफिस पहुंची और एक शिकायत साइबर सैल को दी। युवती ने बताया कि उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया और उसने कहा कि आप सविता काल्पनिक नाम बोल रही हो। उसने कहा कि हां वह बोल रही है। इसके बाद उसने युवती के पापा का नाम बताकर कहा कि आपके पापा पीडब्लू डी में है। उन्होंने कहा है कि आपके खाते में बीस हजार रुपये डाल दो।

मैं आपके खाते में बीस हजार रुपये डाल रहा हॅू। इस पर युवती ने अपने पापा का नाम और अपना नाम पहचानते हुए मोबाइल करने वाले पर विश्वास कर लिया और उसे अपना एसबीआई बैंक का एकांउट नंबर दे दिया। उधर से युवक ने बीस बीस हजार रुपये के दो मैसेज युवती को भेजे और कहा कि मैंने आपके एकांउट में गलती से दो बार बीस हजार रुपये भेज दिए हैं। प्लीज मुझे बीस हजार रुपये वापस मेरे एकांउट में भेज दो।

इस पर युवती ने विश्वास करते हुए अपने एकाउंट से पे फोन पर बीस हजार रुपया ट्रांसफर कर दिया। युवती ने बाद में अपना एकाउंट चेक किया तो पता चला उसके एकाउंट में कोई रुपया नहीं आया है। युवती ने अपना माथा पीटते हुए मंगलवार को साइबर सैल में शिकायत की।

  • केस-2

लोन ऐप्स बजाज फाइनसर्व ने जयभीम नगर निवासी शुगर मिल कर्मचारी राहुल से चार जनवरी को पैंसठ हजार रुपये ठग लिए। राहुल ने गलती से एक बजाज फाइनसर्व एप पर लोन के लिए एप्लाई किया था। उससे बकायदा आधार कार्ड पैन कार्ड खाता बुक मंगाकर उससे धोखे से 65 हजार रुपये ठग लिए।

  • केस-3

पल्लवपुरम निवासी अक्षय भाटी के मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति ने फोन कर उससे कहा कि आप मुझे जानते हो नहीं। राहुल ने कहा कि नहीं। उसने उधर से कहा कि मुझे पहचानो मेरी आवाज पहचानो। कई बार वह यही कहता रहा कि मुझे पहचानो मैं कोन हूँ।

अक्षय ने जब कहा कि ऐसा लग रहा है कि आप वो बोल रहे हैं। इतना सुनते ही उसने कहा कि हां मैं वहीं बोल रहा हूँ। उसने बातो में बहकाकर धोखे से अक्षय के खाते से चालीस हजार रुपये ठग लिए। बाकायदा अपने एकाउंट से उसे विश्वास दिलाने के लिए कुछ पेमेन्ट भी किया। फिर इधर से अक्षय से रुपये ठग लिए।

  • केस-4

पिज्जा डिलीवरी ब्वाय बनकर ठगे हजारों रुपये। एक व्यक्ति ने कु छ दिन पहले बताया कि उसके घर पिज्जा लेकर एक डिलेवरी मैन आया और उससे कहा कि आपने पिज्जा मंगाया था। उसने कहा कि मैंने तो नहीं मंगाया। डिलीवरी मैन ने फोन निकालकर कहा कि अच्छा जो आर्डर है उस पर क्लिक करके मनाकर दो। फोन पर क्लिक करते ही थोड़ी देर बाद उसके खाते से हजारों रुपये उड़ा लिये।

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