- नौनिहालों को सीबीएसई की भांति शिक्षा देने का कर रहे प्रयास
- स्कूल के वातावरण को भी बनाया जा रहा अनुकूल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अंधियारी काली रातों के किस्से खूब चले शाहिद, आओ तुमको मिलवाते हैं कुछ उजले अफसानों से।
प्राथमिक विद्यालयों में दी जाने वाली शिक्षा को लेकर अमूमन शिकवे और शिकायतों का दौर चलता रहता है। वहीं, सरकारी स्तर पर दी जाने वाली शिक्षा का एक सकारात्मक पहलू भी इस अंधियारी रात में टिमटिमाते हुए सितारों की तरह नजर आ ही जाता है।
इसी अंधियारे में उम्मीद की एक किरण कंपोजिट विद्यालय किशनपुरा और प्राथमिक विद्यालय बजौट में देखने को मिल रही है। जहां की पढ़ाई के स्तर को लेकर एक ओर अभिभावक शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं, वहीं अधिकारी भी शिक्षकों की सराहना करने में कोई गुरेज नहीं करते हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हर साल प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए भरपूर प्रयास किया जा रहा है। जिले में कुछ ही ऐसे स्कूल है, जो अपने यहां शिक्षा के स्तर को सुधारने के साथ-साथ बच्चों को तकनीकी ज्ञान भी प्रदान करने का काम कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को जिला स्तर पर सम्मानित कर उनको आगे बढ़ाने का भी अधिकारियों द्वारा निरंतर किया जा रहा है।
जनवाणी टीम ने जब जिले के कुछ प्राथमिक विद्यालयों का भ्रमण किया तो उसमें किशनपुरा का उच्च प्राथमिक विद्यालय और बजौट गांव का प्राथमिक विद्यालय दूसरों को नजीर पेश करते हुए मिला। इन दोनों स्कूलों ने अपने यहां बच्चों को सीबीएसई स्कूलों के भांति सुविधा देने का प्रयास किया है। किशनपुरा स्कूल के प्रधानाध्यापक मधुसूदन ने बताया कि जब वह विद्यालय में ट्रांसफर होकर आए थे तब विद्यालय खस्ताहाल था।

लेकिन मैंने हार नहीं मानी, कुछ खुद से और कुछ जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्कूल को सुधारने का प्रयास किया। जिसके लिए विद्यालय को बेहतर स्कूल के लिए खिताब से भी नवाजा जा चुका है। पहले स्कूल में नामांकन न के बराबर था, लेकिन आज कक्षा एक से आठवीं तक में 208 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और इनके लिए दो शिक्षा मित्र व चार अध्यापक तैनात है।
वहीं बजौट स्कूल कक्षा एक से पांच तक संचालित किया जा रहा हैं, जिसमें 127 बच्चे हैं। इनको शिक्षित करने के लिए चार अध्यापक और एक प्रधानाध्यापक मौजूद है। प्रधानाध्यापक सबिहा सुल्ताना ने बताया कि विद्यालय को मेरा विद्यालय मेरी पहचान डायट के माध्यम से पुरस्कार दिया जा चुका है। वहीं बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए भरपूर प्रयास किया जा रहा है।
बच्चों को दिया जा रहा आधुनिक ज्ञान
स्कूल के शिक्षक व प्रधानाध्यापक मिलकर बच्चों को आधुनिक ज्ञान देने का भी भरपूर प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए विद्यालय में एक लाइब्रेरी भी बनाई गई है। जहां रोचक किताबों को रखा गया है ताकि छात्र-छात्राएं खाली समय में उनको पढ़कर अपने ज्ञान को बढ़ा सकें। दो कक्षाओं में प्रोजेक्टर भी लगाए गए हैं।

जिनके द्वारा बच्चों को रोचक जानकारी दी जा रही है। 2018 में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक के रुप में प्रधानाध्यापक को सम्मानित भी किया है। इतना ही नहीं दो बार विद्यालय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए भी चयनित हो चुका है। विद्यालय में छात्रों के चौमुखी विकास के लिए योगा आदि के कार्यक्रम भी समय-समय पर आयोजित किए जाते रहते हैं।

