- बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज में कमी घटकर हुआ 2 लाख क्यूसेक
- आवागमन बाधित, सड़कों पर चार से पांच फीट पानी
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: खादर से होकर गुजरने वाली गंगा और सोती नदी में पिछले एक माह से रौद्र रूप धारण किया है। जिसके चलते ग्रामीणों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार रात बिजनौर बैराज के साथ भीमगोड़ा हरिद्वार बैराज से जलस्तर में हुई वृद्धि से गंगा खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी। गंगा के विकराल रूप के चलते हस्तिनापुर रामराज और मखदूमपुर मार्ग पर चार से पांच फीट पानी भरा होने के चलते आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही हैं।

बिजनौर बैराज पर तैनात जेई पीयूष कुमार के अनुसार सोमवार को बिजनौर बैराज से गंगा नदी में चल रहा डिस्चार्ज बढ़कर 3 लाख 88 हजार क्यूसेक हो गया। हरिद्वार भीमगोड़ा बैराज से भी डिस्चार्ज में वृद्धि हुई और बढ़कर 3 लाख 77 हजार क्यूसेक हो गया। जिसके चलते गंगा नदी खतरे के निशान से लगभग एक मीटर ऊपर बह रही है।

बुधवार को बिजनौर बैराज और हरिद्वार से डिस्चार्ज में कमी के चलते बिजनौर बैराज से घटकर 2 लाख क्यूसेक और हरिद्वार भीमगोड़ा बैराज से घटकर एक लाख 74 हजार क्यूसेक रह गया। बुधवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया। सोमवार को बिजनौर बैराज और हरिद्वार से डिस्चार्ज में हुई कमी के बाद गंगा और सोती नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया था।

जिसके चलते बढ़ाने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था। जलस्तर में वृद्धि के बाद दूधली, लतीफपुर, बसतौर नारंग आदि सहित गांव में बाढ़ का पानी भरने के चलते ग्रामीणों को पलायन के साथ सड़कों पर शरण लेने को मजबूर होना पड़ा।

