Wednesday, April 1, 2026
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प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराने पर आशाएं जाएंगे जेल

  • डीएम सरकारी अस्पतालों में कम प्रसव दी चेतावनी
  • सरकारी कार्यक्रम में सहयोग न करने वाली होंगी चिह्नित

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में प्रसव कम होने पर जहां नाराजगी जताई, वहीं अस्पतालों में संस्थागत प्रसव बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आशाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी आशा प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराते पाई जाती है तो उसको जेल भेजा जाएगा।

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सरकारी हॉस्पिटल में प्रसव कम होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही, संस्थागत प्रसवों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अगर आशाएं प्राइवेट अस्पतालों में प्रसूताओं की डिलेवरी कराते हुए पकड़ी गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर जेल भेजा जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रसूताओं का सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में कराया जाए। इसके लिये आशाओं पर पेनी नजर रखी जाए और प्रत्येक आशाओं को उसकी जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि आगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम में सहयोग नहीं किया जा रहा है तो ऐसी आंगनबाड़ियों को चिह्नित कर कार्यवाही की जाए। साथ ही, उनको स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों में सहयोग करने के निर्देश दिए जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि एक परिवार कल्याण परामर्शदाता द्वारा काउंसलिंग समय अनुसार नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि परामर्श दाताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को नियमित परामर्श दें। इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह परामर्शदाता को चिन्हित कर कठोर कार्यवाही करें।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीर बहादुर ढाका, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सफल कुमार, डा. आरके सागर आदि मौजूद रहे।

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