- स्कूल और शादी समारोह में जमा हो रही भीड़ से बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की चिंता
- मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर आईसीएमआर के प्रोटोकॉल की उड़ रही जमकर धज्जियां
- स्वास्थ्य विभाग से जुडे संगठनों की ओर से भी रेड अलर्ट की दी गयी चेतावनी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नए डेंजर जोन कोरोना संक्रमण को न्योता दे रहे हैं। दरअसल, शादी विवाह के समारोह तथा स्कूल कालेजों में जुट रही भीड़ को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संक्रमण की लिहाज से बेहद खतरनाक मान रहे हैं। इससे हालात के और भी ज्यादा बेकाबू होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा चिकित्सा से जुडेÞ संगठन भी बार-बार संक्रमण को लेकर अलर्ट जारी कर रहे हैं, लेकिन उनके तमाम प्रयासों के बाद भी हालात में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
शादी विवाह समारोह में सरकार की तमाम सख्ती के बाद भी जिस प्रकार कई स्थानों पर भीड़ जुट रही है, जानकारों का कहना है कि संक्रमण के लिहाज से वो बेहद घातक साबित होगा। इसके अलावा जो हालात बने हुए हैं उससे बड़ा खतरा सोसाइटी के दूरदराज के ग्रामीण व पिछडे इलाकों को है।
सोसाइटी का ये वो हिस्सा बताया जा रहा है जहां लोग संक्रमण के प्रति जागरूक नहीं है। न ही ऐसे इलाकों की ओर प्रशासन पुलिस का ध्यान है। ऐसे इलाकों विवाह समारोह के नाम पर जमा हो रही भीड़ संक्रमण को न्योता दे रहा है। इनको स्वास्थ्य विशेषज्ञ डेंजर जोन मान रहे हैं।
परीक्षा और अन्य कारणों का हवाला देकर स्कूल-कालेज खोलने का निर्णय भी संक्रमण के लिहाज से स्वास्थ्य विशेषज्ञ उचित नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि स्कूल-कालेजों में जुटने तथा स्कूल कालेजों के नाम पर घरों से निकलने वाले छात्रों व युवाओं पर अंकुश लगाना संभव नहीं है।
ऐसा नहीं कि जो बच्चे कालेज आ रहे हैं वो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे या फिर आदतन झुंड बनाकर नहीं बैठेंगे। स्कूल-कालेजों को खोलने के फैसले को अभी सर्दी के मौसम को देखते हुए टाल दिया जाना चाहिए था। रोडवेज बस स्टैंड महानगर के ऐसे ही दूसरे इलाके संक्रमण के नजरिये से बेहद खतरनाक बने हैं।
यहां जुट रही भीड़ मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर पूरी तरह से लापरवाह दिखाई देती है। सबसे बुरा हाल तो बसों में सवारी करने वालों का है। बसों की हालत देखकर ये यकीन नहीं होता कि इन लोगो को कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का कोई डर है। बसें खचाखच भरकर चलायी जा रही हैं।
इस संबंध में जनवाणी संवाददाता ने कुछ बडे स्वास्थ्य विशेषज्ञों से चर्चा की है। उन्होंने खतरे को लेकर आगाह करने का प्रयास किया है। उनका साफ कहना है कि यदि बाज नहीं आए तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
सावधान रहना जरूरी
मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार का कहना है कि कुछ लोगों की छोटी लापरवाही पूरी सोसाइटी के लिए जानलेवा साबित होगी। जहां तक हालात से निपटने का सवाल है तो मेडिकल प्रशासन पूरी क्षमता से काम कर रहा है। मरीज कितना भी गंभीर हो मेडिकल के अस्पताल के उसको बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते हैं।
वर्तमान समय ज्यादा खतरनाक
आईएमए के एडवांस मेडिकल साइंस के चेयरमैन डा. संदीप जैन का कहना है कि वर्तमान समय खासतौर से सर्दी के आने वाले तीन माह कोरोना संक्रमण के फैलने के नजरिये से बेहद खतरनाक हैं। इस मौसम में अधिक सावधान रहने की जरूरत है। विभाग भले ही न मानें लेकिन कम्युनिटी स्प्रेड सरीखे हालात बन चुके हैं।

