- गुर्जर महापंचायत की चेतावनी पर जाट महासभा सामने आई
जनवाणी संवाददाता |
शामली: इंस्पेक्टर प्रेमीवीर राणा और महिला दरोगा अंजू प्रकरण में गुर्जर समाज की महापंचायत की चेतावनी के बाद अब आर्य जाट महासभा सामने आई है। महासभा ने कहा कि सरकारी विभागों को जातिगत राजनीति से दूर रखना चाहिए। इसके अलावा यदि दूसरा समाज महापंचायत करता है तो प्रेमवीर राणा भी लावारिस नहीं है जाट समाज भी महापंचायत कर आंदोलन करने को मजबूर होगा।
शामली शहर के मोहल्ला धीमानपुरा में चौधरी शरणवीर तरार के आवास पर पत्रकारों से वार्ता में आर्य जाट महासभा के संरक्षक डा़ प्रताप चौधरी ने कहा कि कैराना कोतवाली के प्रभारी और महिला दरोगा के बीच चल रहे विवाद को जातिगत भावना से ओतप्रोत करते हुए हलचल पैदा करने की कौशिश की जा रही है।
जनपद पुलिस में दूसरे नंबर के अधिकारी एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट में कैराना कोतवाली प्रभारी को क्लीन चिट दी है उसी के बाद प्रेमवीर राणा चार्ज दिया गया। बेटिया किसी एक समाज की नहीं बल्कि सर्व समाज की धरोहर है, लेकिन एक जाति के लोग बेटियों को सामने लेकर राजनीति कर रहे है। जोकि किसी भी प्रकार से राष्ट्रहित व समाज हित में ठीक नहीं है।
अखिल भारतीय जाट महासभा के सचिव प्रदीप पंवार ने कहा कि जाट समाज प्रत्येक महिला का सम्मान करता है। उन्होने आरोप लगाया कि जिस बिरादरी के लोग महिला दरोगा के लिए महापंचायत की चेतावनी दे रहे है तो दूसरे समाज के लोग भी आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रेमवीर राणा लावारिश नहीं है। यदि किसी बिरादरी के दबाव में जाट बिरादारी के कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई होगी जाट समाज भी अपनी बिरादरी के पक्ष के साथ खड़ा होगा।
जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र मलिक ने कहा कि एक जाति के लोग पुलिस प्रशासनिक मामले में हस्तक्षेप करने में लगे है। यदि बिरादरी के दबाव में कार्यवाही की जाती है तो आर्य जाट महासभा भी पूरे दमखम के साथ लडाई लडने के लिए तैयार है।
इस अवसर पर पूर्व महामंत्री सूर्यवीर सिंह, सतेन्द्र खैवाल, राजबीर सिंह मुडेट, शरणवीर, सोनू, डा़ संजय एडवोकेट, डा़ विनीत चौहान, संजीव राठी, कुलदीप पंवार आदि मौजूद रहे।

