- पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, परिजनों में मचा कोहराम, रो-रोकर बुरा हाल
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर: गगोल रोड स्थित अछरोंडा मोड़ पर बाइकों की भिड़ंत में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर मोर्चरी भेज दिया। अछरोंडा मोड़ निवासी अक्षय (18) और शिवा (16) पुत्रगण पिंटू सोमवार देर रात शारदा रोड से सामान खरीदकर आ रहे थे। इस दौरान वह बाइक से अछरोंडा मोड़ पहुंचे तो रॉंग साइड से आ रही बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। जिसमें दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने दोनों भाइयों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां दोनों को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि अक्षय एक कम्पनी में काम करता था और शिवा एक कालेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहा था। बताया कि दोनों एक शादी समारोह में जाने के लिए सामान खरीदने के लिए गए थे। थाना प्रभारी जयकरण सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बाइक सवार युवकों की तलाश सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है।
उत्तराखंड रोडवेज बस ने बाइक सवार को रौंदा
गंगानगर थाना क्षेत्र मवाना रोड पर डिवाइडर के सामने उत्तराखंड की रोडवेज बस ने तेजगति से आते हुए पीछे से एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। जिसमें बाइक सवार की मौके पर मौत हो गई। वही बस चालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लिया है। गंगानगर क्षेत्र मवाना रोड पर रक्षापुरम से डिस्कवर बाइक पर करीब चार बजे एक युवक शहर की ओर जा रहा था। जब वह रक्षापुरम से शहर की ओर मुड़ा तो पीछे मवाना से तेजगति से आ रही उत्तराखंड की बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी।

रोडवेज का पहिया बाइक सवार के सिर पर चढ़ गया। जिस पर बाइक सवार ने मौके पर दम तोड़ दिया। वहीं चालक बस को लेकर भाग निकला, लेकिन कुछ दूर चालक बस को छोड़कर फरार हो गया। बस कोटद्वार से मेरठ की ओर आ रही थी। पुलिस सूचना के बाद मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मेडिकल मोर्चरी भिजवाया। उधर, बाइक सवार की शिनाख्त पुलिस ने मृतक की जेब से मिले ड्राइविंग लाइसेंस से हरीश पुत्र सोमनाथ निवासी देवपुरी के रुप में की।
मृतक की उम्र 42 के आसपास की थी। पुलिस के अनुसार बाइक सवार ने हेलमेट लगा रखा था, लेकिन बस का पहिया हेल्मेट लगे सिर पर चढ़ गया। जिसके चलते सिर कुचल गया। पुलिस ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन थाना गंगानगर पहुंचे और हादसे की जानकारी की। परिजनों का हरीश की मौत पर रो-रोकर बुरा हाल था।
सरधना में गन्ने के ट्रक ने महिला को कुचला
सरधना: इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दिन भर धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रक और ट्राले निकालकर डर पैदा करते रहते हैं। यातायात माह के बावजूद इन ओवरलोड वाहनों पर लगाम नहीं लग रही है। एक तरफ यातायात माह के दौरान डीएम का आदेश है कि बिना रिफ्लेक्टर कोई भी ट्रक या ट्रॉली नहीं चलेगी, लेकिन दूसरी तरफ गन्ने की ढुलाई में ऐसे ट्रक लगाए जा रहे हैं। जिनके बीमा या फिटनेस प्रमाण पत्र तक नहीं है। परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा भी इन ओवरलोड वाहनों पर यातायात माह में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
हालत यह है कि गन्ना सीजन के दौरान चीनी मिलों को जाने वाले ट्रक यहां की सड़कों पर खुलेआम ओवरलोडिंग करते हुए नियम कानून का मजाक उड़ा रहे हैं। ओवरलोड गन्ना लदे ट्रक सड़कों पर मौत बनाकर दौड़ने लगते हैं। ट्रकों के चपेट में आकर लोग जान गवां रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाओं में और आगे घायल होते रहते हैं। इन पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। ओवरलोड गन्ना लदे ट्रक से सड़क पर गन्ना गिरते रहता हैं।
मंगलवार को सरधना दौराला मार्ग पर मिलक गांव के निकट गन्नों से ओवरलोड भरे ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। इसके बाद उस पर सवार एक महिला को कुचलता हुआ निकल गया। मौके से ट्रक लेकर भाग रहे चालक को ग्रामीणों ने दबोच लिया। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण ओवरलोड गन्नों के ट्रकों पर रोक लगाने व मृतक परिवार की आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे।

सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने परिवारकी आर्थिक मदद कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। फिर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली क्षेत्र के मिलक गांव निवासी 42 वर्षीय सुनीता पत्नी सतेंद्र मंगलवार को भतीज दामाद कुलदीप व भतीजी ललिता के साथ बाइक पर सवार होकर किसी काम से सरधना गई थी। लौटते समय वह जैसे ही मिलक गांव के निकट पहुंचे तो पीछ से आ रहे गन्नों से ओवरलोड भरे ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी।
जिससे बाइक दूर तक घिसटती हुई गई। बाइक से गिरी सुनीता को ट्रक कुचलता हुआ निकल गया। चालक ने ट्रक रोकने के बजाए गति बढ़ा दी। मगर कुछ दूर जाकर ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया। आनन-फानन में महिला को अस्पताल भेजा गया। जहां उसे मृतक घोषित कर दिया गया। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण ओवरलोड गन्नों के ट्रकों पर रोक लगाने व मृतक के परिवार की आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे।
करीब दो घंटे लगे जाम के बाद एसडीएम पीपी राठौर मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार की हर संभव मदद कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। तब जाकर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक पक्ष ने कोतवाली में घटना की तहरीर दी है। वहीं, जाम लगने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम के चलते बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों द्वारा मार्ग पर जाम लगने के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कुछ बाइक सवारों ने निकलने की कोशिश की। जिनसे ग्रामीणों की नोकझोक हुई। हालात को देखते हुए पुलिस ने सरधना चौराहे से रूट डायवर्ड किया।
ओवरलोड गन्ने के ट्रक दे रहे जख्म
गन्नों के ओवरलोड ट्रक हर साल कई घरों के चिराग बुझा देते हैं। हर साल ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग की जाती है। मगर प्रशासन इस ओर कभी कार्रवाई नहीं करता है। मंगलवार को फिर से ओवरलोड गन्नों के ट्रक ने एक महिला की जान ले ली। ग्रामीण ओवरलोड गन्नों के ट्रकों पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे।

